चेन्नई, 25 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को प्राकृतिक संसाधन, उद्योग, निवेश प्रोत्साहन, वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं जैसे प्रमुख विभागों के लिए अनुदान की मांगों पर चर्चा होगी। सरकार के पहले बजट की प्रस्तुति और उस पर बहस के बाद चल रहा सत्र अब विभाग-वार चर्चा के चरण में पहुंच गया है।
विधानसभा में 5 अगस्त को आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया गया था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने 7, 10 और 11 अगस्त को इन दोनों बजटों पर तीन दिनों तक बहस की। वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने 12 अगस्त को बहस का जवाब दिया और विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों और आलोचनाओं को संबोधित किया। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण विधानसभा की कार्यवाही चार दिनों के लिए स्थगित कर दी गई। 17 अगस्त को कार्यवाही फिर से शुरू हुई, जिसमें सदन ने विभिन्न सरकारी विभागों के लिए अनुदान की मांगों पर विचार किया।
इन चर्चाओं के दौरान विधायक हर विभाग के लिए तय किए गए फंड की समीक्षा करते हैं और मौजूदा योजनाओं के लागू होने, प्रशासनिक कमियों और सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं के बारे में सवाल उठाते हैं।
विभागों के प्रभारी मंत्री उठाए गए मुद्दों का जवाब देते हैं और आमतौर पर ग्रांट की मांग पर वोटिंग से पहले नई परियोजनाओं और कल्याणकारी उपायों की घोषणा करते हैं।
मंगलवार को सदन प्राकृतिक संसाधन, उद्योग, निवेश प्रोत्साहन, वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभागों के लिए वित्तीय आवंटन और कामकाज पर चर्चा करेगा।
इस बहस में प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ इस्तेमाल, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने के उपायों, औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार, नए व्यवसायों को समर्थन और राज्य के व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने के कदमों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी का विस्तार करने की सरकार की योजनाओं पर भी प्रमुखता से चर्चा होने की संभावना है।
उम्मीद है कि विपक्ष के सदस्य सरकार से निवेश के वादों पर हुई प्रगति, रोजगार पैदा करने, बड़े शहरों के बाहर औद्योगिक विकास और ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन सरकारी सेवाओं की उपलब्धता के बारे में सवाल पूछेंगे।
सत्ताधारी पार्टी के सदस्य प्रशासन की पहलों को उजागर कर सकते हैं और अपने चुनाव क्षेत्रों के लिए और प्रोजेक्ट्स की मांग कर सकते हैं।
बहस के बाद प्राकृतिक संसाधन मंत्री डी.के. प्रभु, उद्योग मंत्री कीर्तना और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कुमार सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों और सुझावों का जवाब देंगे।
इन तीनों मंत्रियों के अपने-अपने विभागों से जुड़ी नई योजनाओं और नीतिगत पहलों की घोषणा करने की भी उम्मीद है। इसके बाद बजट प्रक्रिया के तहत विधानसभा में मंजूरी के लिए अनुदान की मांगों पर विचार किया जाएगा।
आईएएनएस
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