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अरुणाचलेश्वर मंदिर में गैर-हिंदू के प्रवेश को लेकर तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने मंत्री की आलोचना की

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चेन्नई, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शनिवार को राज्य के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री एस. रमेश की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री अपने साथ एक मुस्लिम व्यक्ति को तिरुवन्नामलाई स्थित अरुणाचलेश्वर मंदिर में ले गए। भाजपा नेता ने इसे मंदिर के नियमों और परंपराओं का उल्लंघन बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि मंत्री ने ऐसे समाज में अनावश्यक विवाद पैदा किया है, जहां सांप्रदायिक शांति कायम है। उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक संस्थानों के प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों को इनकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिए और स्थापित परंपराओं का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

नागेंद्रन ने 2024 में मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने तमिलनाडु के मंदिरों में गैर-हिंदुओं को ध्वजस्तंभ से आगे जाने की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मंत्री रमेश एक मुस्लिम व्यक्ति को, जिसने सिर पर टोपी पहन रखी थी, तिरुवन्नामलाई स्थित मंदिर के भीतर ले गए।

भाजपा नेता ने कथित घटना को निंदनीय बताते हुए मंत्री पर मंदिर में पूजा और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े आगम नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक संस्थानों की रक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री का ऐसा आचरण उनके अहंकार को दर्शाता है।

नागेंद्रन ने मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर में आयोजित अभिषेक समारोह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के विधायक वी.एम.एस. मुस्तफा समारोह के दौरान अग्रिम पंक्ति में मौजूद थे।

इन दोनों घटनाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि मंत्री रमेश ने ऐसी भागीदारी को संभव बनाने के पीछे क्या उद्देश्य रखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचलेश्वर मंदिर में मंत्री के साथ आए व्यक्ति को उनके सहायक के रूप में पेश किया गया था।

नागेंद्रन ने सवाल किया कि मंत्री इन गतिविधियों के जरिए क्या साबित करना चाहते हैं और इससे क्या लाभ होगा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आस्था के कारण स्वेच्छा से किसी हिंदू मंदिर में आने वाले दूसरे धर्म के लोगों का मामला अलग है, जबकि कथित तौर पर विवाद पैदा करने के उद्देश्य से किसी की यात्रा की व्यवस्था करना अलग बात है।

भाजपा नेता ने मंत्री से ऐसे कदमों से बचने की अपील की, जिनसे लोगों में आक्रोश पैदा हो या सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो। उनकी आपत्ति मुख्य रूप से इस आरोप पर केंद्रित रही कि मंदिर में प्रवेश के दौरान धार्मिक प्रतिबंधों और पारंपरिक नियमों की अनदेखी की गई।

नागेंद्रन ने अधिकारियों से मांग की कि कथित तौर पर कानून और आगम नियमों का उल्लंघन कर मंदिर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम उठाने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर मंत्री एस. रमेश या मंदिर प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।