चेन्नई, 4 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों में दिलचस्प तस्वीर सामने आ रही है। सोमवार को पोस्टल बैलेट की गिनती से मिले शुरुआती संकेतों में डीएमके को बढ़त मिलती दिख रही है, वहीं अभिनेता-राजनेता विजय की टीवीके ने भी मजबूत शुरुआत कर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत दिए हैं।
पोस्टल वोटों के शुरुआती रुझानों के अनुसार, डीएमके 33 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं एआईएडीएमके 10 सीटों पर और टीवीके 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि ये आंकड़े अंतिम नतीजों का संकेत नहीं हैं, लेकिन ये मतदाताओं के रुझान की पहली झलक जरूर दे रहे हैं। राज्यभर के 62 केंद्रों पर ईवीएम की गिनती तेज़ी से जारी है, जिससे तस्वीर और साफ होगी।
कुछ प्रमुख सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प बनता दिख रहा है। तिरुचिरापल्ली वेस्ट सीट पर टीवीके उम्मीदवार ने डीएमके के वरिष्ठ नेता केएन नेहरू को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बना ली है, जो बड़े नेताओं के लिए चुनौती का संकेत माना जा रहा है।
कोयंबटूर साउथ में डीएमके के वी. सेंथिलबालाजी आगे चल रहे हैं, जबकि टीवीके उम्मीदवार कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वहीं गोबीचेट्टिपालयम सीट पर हाल ही में एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके में शामिल हुए दिग्गज नेता केए. सेंगोट्टैयन भी बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे नई पार्टी की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी खास रही है। इस बार रिकॉर्ड 443 महिला उम्मीदवार मैदान में उतरी हैं, जो प्रतिनिधित्व के बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है। हालांकि इतिहास बताता है कि भागीदारी के बावजूद जीत का आंकड़ा कम ही रहा है।
1991 में 102 महिला उम्मीदवारों में से 32 विधायक चुनी गई थीं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है लेकिन 1996 में यह संख्या घटकर सिर्फ 9 रह गई। 2021 के चुनाव में 413 महिला उम्मीदवारों में से केवल 12 ही जीत सकीं, जो कुल 234 सदस्यीय विधानसभा का करीब 5 प्रतिशत है।
इस बार लगभग 46 प्रतिशत महिला उम्मीदवार शहरी क्षेत्रों (जैसे चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली) से चुनाव लड़ रही हैं। इसका कारण शहरों में बेहतर शिक्षा और चुनावी संसाधनों की उपलब्धता माना जा रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन वह अब भी शहरी क्षेत्रों से पीछे है। ज्यादातर ग्रामीण महिला उम्मीदवार या तो बड़ी पार्टियों के समर्थन से हैं या स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली चेहरों में शामिल हैं।
चुनाव से पहले आए सर्वेक्षणों में डीएमके की सत्ता में वापसी का अनुमान जताया गया था। अधिकांश एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ गठबंधन को 125 से 160 सीटें मिलने की संभावना बताई गई थी। वहीं कुछ सर्वेक्षणों में टीवीके के उभरने की भी भविष्यवाणी की गई थी, जिसमें उसे 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। ऐसे में अंतिम नतीजे क्या तस्वीर पेश करेंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

