चेन्नई, 24 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कुछ अफ्रीकी देशों से इबोला वायरस रोग (ईवीडी) के मामले सामने आने की संभावना के संबंध में जारी एक परामर्श के बाद तमिलनाडु सरकार ने हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर निगरानी और एहतियाती उपायों को तेज कर दिया है।
राज्य में अभी तक कोई ईबोला केस न आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां मजबूत कर दी हैं।
तमिलनाडु के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टरेट (डीपीएच) ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। ईबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों पर खास नजर रखी जा रही है। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और चेकिंग बढ़ा दी गई है, खासकर उन यात्रियों की जिन्होंने हाल में प्रभावित देशों का सफर किया हो। साथ ही, पूरे स्वास्थ्य विभाग में अतिरिक्त तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
किसी भी संदिग्ध मामले से निपटने के लिए प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैयार रखा गया है।
मेडिकल कॉलेजों, जिला मुख्यालय अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वास्थ्यकर्मियों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करें, जिसमें इसके लक्षण, फैलने के तरीके और संक्रमण-नियंत्रण की प्रक्रियाएं शामिल हैं।
डॉक्टरों, नर्सों और फील्ड स्टाफ के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि संदिग्ध इन्फेक्शन की पहचान जल्दी हो जाए और उनकी रिपोर्ट तुरंत की जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारी फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ की रिस्पॉन्स क्षमता को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रहे हैं, ताकि इन्फेक्शन का पता लगाने और उसे फैलने से रोकने में कोई देरी न हो। प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि अगर उन्हें यात्रा के दौरान या पहुंचने के बाद कोई बीमारी के लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत इसकी जानकारी दें।
इबोला से जुड़े लक्षणों में बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते और गंभीर मामलों में शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्राव शामिल हैं।
अधिकारियों ने सलाह दी कि जो लोग आगमन के 30 दिनों के भीतर ऐसे लक्षणों का अनुभव करते हैं, वे तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें और स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें।
इबोला एक अत्यंत गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्तियों के शारीरिक द्रवों या दूषित सतहों के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। हालांकि तमिलनाडु में इबोला का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है, फिर भी अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आवागमन को देखते हुए, अधिक सतर्कता और तैयारी की आवश्यकता है।
राज्य ने साफ-सफाई के तरीकों, लक्षणों की जानकारी देने और यात्रा से जुड़ी सावधानियों पर जोर देते हुए जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं।
इसके अलावा, निगरानी अधिकारियों को बीमारी के असामान्य पैटर्न और बुखार के मामलों के समूहों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, हवाई अड्डों, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के बीच तालमेल को भी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध मामले के सामने आने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

