तिरुवनंतपुरम, 17 अगस्त (आईएएनएस)। वी.डी. सतीशन सरकार के तीन महीने पूरे होने के साथ ही राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला की ओर से ड्रग्स के खिलाफ शुरू किया गया ‘ऑपरेशन तूफान’ निर्णायक पहल के रूप में उभर रहा है।
जब चेन्निथला एक दशक के अंतराल के बाद गृह विभाग में लौटे, तो उन्हें यह पहचानने में ज्यादा समय नहीं लगा कि केरल के सामने सबसे जरूरी चुनौती राज्य में तेजी से फैलती ड्रग्स की समस्या है।
सतीशन सरकार के तीन महीने पूरे होने पर चेन्निथला द्वारा शुरू किए गए और चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन तूफान’ से उन्हें ऐसे आंकड़े मिलने लगे हैं, जो इस अभियान के वृहद स्तर पर हो रहे असर को दर्शाते हैं।
इस अभियान के शुरू होने से लेकर अब तक 9,085 मामले दर्ज किए गए हैं और 9,795 गिरफ्तारियां हुई हैं। यह ऑपरेशन पूरे राज्य में चल रहे ड्रग नेटवर्क के खिलाफ राज्य सरकार की सबसे अहम और चर्चित कार्रवाइयों में से एक बनकर उभरा है।
शनिवार को पूरे राज्य में की गई ताजा कार्रवाई में 38 और मामले दर्ज किए गए और 38 गिरफ्तारियां हुईं। अब तक जब्त की गई चीजों में 7,460.567 ग्राम एमडीएमए, 961.450 किलोग्राम गांजा और 4,720.909 ग्राम हशीश ऑयल शामिल हैं।
‘ऑपरेशन तूफान’ को सिर्फ एक पुलिस ऑपरेशन से कहीं ज्यादा नशे जैसी सामाजिक बुराई को दूर करने के लिए शुरू किया गया था।
स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के नशे की लत का शिकार होने के बढ़ते मामलों और जल्द पैसे कमाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी (कैरियर) की खबरों ने इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया।
रमेश चेन्निथला ने गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर बढ़ रही ड्रग्स की समस्या के निपटारे को अपनी पहली प्राथमिकता के रूप में चुना।
ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि इस अभियान में सख्ती के साथ-साथ रोकथाम और जागरुकता की भी काफी अहम भूमिका है। 564 काउंसलिंग सेशन भी आयोजित किए गए हैं जबकि स्कूल और कॉलेज प्रोटेक्शन ग्रुप्स ने 6,482 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
इन मामलों में कम मात्रा में नशीले पदार्थ रखने के 10 और मध्यम मात्रा से जुड़ा एक मामला शामिल था। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत 27 और सीओटीपीए के तहत 16 मामले भी शामिल थे।
पुलिस ने जिन लोगों पर मामला दर्ज किया, उनसे 3.343 किलोग्राम गांजा भी जब्त किया गया।
चेन्निथला का यह बयान कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सड़कों, शिक्षण संस्थानों और घरों तीनों जगहों पर एक साथ लड़ी जानी चाहिए, को व्यापक समर्थन मिला है।
आंकड़ों पर गौर करें तो सतीशन सरकार की प्रभावशाली कार्रवाई के चलते ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई ने निश्चित रूप से जोर पकड़ना शुरू कर दिया है।

