Friday, June 26, 2026
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अमेरिकी कृषि निर्यात के लिए ईरान के बाजार पर राष्ट्रपति ट्रंप की नजर, बोले- ‘तेहरान के साथ बातचीत जारी’

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वाशिंगटन, 26 जून (आईएएनएस)। युद्धविराम के बाद ईरान के कृषि बाजार पर अमेरिका की नजर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक बयान में कहा कि ईरान अमेरिकी कृषि निर्यात के लिए एक नया बाजार बन सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद तेहरान के साथ बातचीत कर रहा है। साथ ही, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की अतिरिक्त राहत राशि की भी घोषणा की।

व्हाइट हाउस में किसानों के सम्मान में आयोजित डिनर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रशासन ईरान को कृषि निर्यात बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस से पिछली नीतियों से प्रभावित उत्पादकों के लिए नई वित्तीय सहायता को मंजूरी देने को भी कहा। ट्रंप ने कहा, “हमने शुरुआत कर दी है और अब एक नया बाजार सामने आ रहा है। उसका नाम है ईरान।”

ईरान को अमेरिकी कृषि उत्पादों का संभावित खरीदार बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “उन्हें भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हम उनके कुछ पैसे लेंगे और उन्हें खर्च करके बड़ी मात्रा में गेहूं, सोयाबीन और मक्का खरीदेंगे। यह प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने वाली है। यह बहुत बड़े पैमाने पर होगी।”

इससे पहले, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अपने बयान में कहा था कि ईरान को अमेरिका कृषि उत्पाद खरीदने के लिए फ्रीज संपत्ति का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी व्यवस्था की पुष्टि नहीं की है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस से किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह फंड पिछली सरकार के नियमों के कारण हुए नुकसान की भरपाई उत्पादकों को करेगा। उन्होंने कहा, “हमने कांग्रेस से एक पूरक वित्तीय सहायता विधेयक पारित करने का आग्रह किया, जिससे विशेष फसलों के लिए 11 अरब डॉलर की राहत और बेहतरीन कृषि उत्पादकों को बाइडेन प्रशासन के खराब नियमों और कानूनों के कारण हुए नुकसान से उबरने में मदद मिल सके।”

ट्रंप ने कहा कि कृषि सचिव ब्रुक रोलिंस सहायता के वितरण की देखरेख करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “हम अपने किसानों को राहत के तौर पर 11 अरब डॉलर का भुगतान करने जा रहे हैं।”

इस दौरान, राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों का विस्तार किया है। उन्होंने यूरोप में डेयरी निर्यात के लिए बेहतर पहुंच, 25 से अधिक सालों के बाद अमेरिकी बीफ आयात के लिए ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी और अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के चीन के वादे का जिक्र किया।

उन्होंने किसानों के हित में उठाए गए घरेलू कदमों का भी जिक्र किया, जिनमें एस्टेट टैक्स की सीमा बढ़ाना, खेती के उपकरणों पर असर डालने वाले इलेक्ट्रिक वाहन के फेडरल नियम को खत्म करना, सालभर ई15 फ्यूल की बिक्री की इजाजत देना और पर्यावरण नियम ‘वॉटर्स ऑफ द यूएस’ को वापस लेना शामिल है।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ प्रशासन की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि इससे बातचीत में वाशिंगटन की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, “हमें यू-टर्न लेना पड़ा। हमें ईरान की ओर बढ़ना होगा, क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके पास परमाणु हथियार होगा।”

व्हाइट हाउस के इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, आंतरिक मंत्री डग बर्गम, स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर, सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के प्रशासक मेहमत ओज, प्रमुख कृषि राज्यों के गवर्नर, सीनेटर और प्रतिनिधि शामिल थे।

डिनर में मेहमानों को कृषि उत्पादों से बने व्यंजन परोसे गए। उन्हें तोहफे के तौर पर ऑर्गेनिक गार्डन के बीज और टमाटर का जैम दिया गया।

बता दें कि अमेरिका लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े गेहूं, मक्का और सोयाबीन निर्यातकों में शामिल रहा है। अमेरिकी कृषि निर्यात को अलग-अलग सरकारों ने व्यापार, आर्थिक और विदेश नीति के महत्वपूर्ण साधन के रूप में भी इस्तेमाल किया है।