Wednesday, July 1, 2026
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ट्विशा शर्मा डेथ केस: चोरी प्रकरण पर पुलिस के विरोधाभासी बयानों से परिवार ने उठाए सवाल

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भोपाल, 30 जून (आईएएनएस)। दहेज के कारण हुई मौत की शिकार ट्विशा शर्मा के पिता और भाई ने मंगलवार को पुलिस पर ‘किसी और के आदेश’ मानने और ‘कहानी गढ़ने’ का आरोप लगाया।

यह आरोप मध्य प्रदेश के पुलिस कमिश्नर कैलाश मकवाना और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) द्वारा पीड़िता की ससुराल में हुई चोरी के बारे में दिए गए ‘विरोधाभासी’ बयानों के बाद लगाया गया।

इससे पहले मंगलवार को, भोपाल की एक अदालत ने बचाव पक्ष की उस मौखिक अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें आरोपी और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को हाल ही में हुई चोरी के सिलसिले में अपने घर जाने की इजाजत मांगी गई थी। अदालत ने कहा कि ऐसी मांग पर केवल औपचारिक लिखित अर्जी के जरिए ही विचार किया जा सकता है।

ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा, “चोरी बिल्कुल आखिरी समय पर हुई, और उसमें न सिर्फ गहने बल्कि कागजात भी चोरी हुए। हैरानी की बात है कि जो सदस्य नीचे सो रहे थे, उन्हें भनक तक नहीं लगी कि चोर घर में घुस आए और उन्होंने लोहे की अलमारी और लॉकर भी तोड़ दिए। ये बातें हमारी तरफ से नहीं, बल्कि बचाव पक्ष के वकील ने बताई हैं।”

पुलिस पर तंज कसते हुए ट्विशा के भाई ने कहा, “पहले हम उन्हें (पुलिस को) एफआईआर न लिखने, सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने वगैरह के लिए नाकाबिल समझते थे, लेकिन जब आप पूरी तस्वीर देखते हैं, तो साफ तौर पर काबिलियत भरी कोशिशें दिखती हैं। अपनी इज्‍जत की परवाह किए बिना आदेश मानने के लिए उन्हें अवॉर्ड दिया जाना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया, “असल में पुलिस चोरी होने से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी और कागजात लेकर भाग रहे चोरों को पकड़ लिया था। हालांकि, पुलिस कमिश्नर और एसीपी ने जो बयान दिए हैं, वे एक-दूसरे से अलग हैं।”

उन्होंने कहा, “हमें अभी भी नहीं पता कि कितने चोर थे, उन्होंने क्या-क्या चुराया और क्या जब्त किया गया। मुझे लगता है कि उन्हें अपनी कहानी गढ़ने के लिए कुछ समय चाहिए।”

पीड़िता के भाई ने कहा कि सिस्टम आरोपियों की मदद कर रहा है, इसलिए न्याय मिलना मुश्किल लग रहा है। फिर भी, हमें उम्मीद है।”

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा कि इस चोरी की घटना के बारे में चार अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग बातें बताई हैं “पहले मीडिया ने, फिर एसीपी ने, पुलिस कमिश्नर ने और आखिर में आज कोर्ट की सुनवाई के दौरान वकील ने।”

उन्होंने पूछा, “तो हम इनमें से किसे सही मानें?”

ट्विशा के पिता ने यह भी कहा, “यह एक अजीब चोरी थी, जिसमें चोर दस्तावेज चुराने आए थे, और वह भी एक तरह से पुलिस की निगरानी में, क्योंकि उस समय पुलिस टीम गश्त कर रही थी।”

उन्होंने दावा किया, “पुलिस ने चोरों को पकड़ा और बाद में उन्हें छोड़ दिया।”

नवनिधि शर्मा ने इस मामले की गहन जांच की मांग की। इसके अलावा, ‘संस्थागत पक्षपात’ का आरोप लगाते हुए शर्मा ने पुलिस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, “पुलिस काबिल है, इसीलिए वे जरूरत पड़ने पर आरोपियों को पकड़ती है और जब जरूरी नहीं लगता तो दोषियों को गिरफ्तार नहीं करती। हम पहले दिन से ही यह जानना चाहते हैं कि वे किसके आदेशों का पालन कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी मांग की कि “निष्पक्षता और पारदर्शिता” के लिए इस मामले को दिल्ली ट्रांसफर किया जाए।