अगरतला, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के तीन जवानों पर हुए हमले की त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने निंदा की है। उन्होंने इस घटना को ‘मंजूर नहीं’ और ‘गंभीर चिंता’ का विषय बताया।
त्रिपुरा के सेपाहिजाला जिले में स्मगलिंग से जुड़े एक मामले को लेकर भीड़ के हमले में बीएसएफ के तीन जवान घायल हो गए। यह घटना सोमवार को उस वक्त हुई जब 49वीं बटालियन के तहत आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) पर तैनात बीएसएफ जवानों और लोगों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हो गई थी।
सीएम माणिक साहा की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा गया, “मैं आशाबाड़ी में बदमाशों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर बीएसएफ जवानों पर किए गए बेरहमी से हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ इस तरह की हिंसा पूरी तरह से मंजूर नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।” उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
सीएम माणिक साहा ने लिखा, “हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला बहुत चिंता की बात है और इससे कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तेजी से और सख्त कार्रवाई करें और यह पक्का करें कि न्याय मिले। हमारे सुरक्षाकर्मी पूरे सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं।”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 49वीं बटालियन के जवानों ने आशाबाड़ी में पेड़-पौधे हटाने के दौरान तस्करी के शक में हेफजुर रहमान नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया था। इसके बाद बोक्सानगर-रहीमपुर रोड के पास लोगों और बीएसएफ कर्मियों के बीच बहस हो गई थी।
बोक्सानगर-रहीमपुर रोड को लोगों ने ब्लॉक कर दिया था और बीएसएफ की गाड़ी पर डंडों और बांस से हमला कर दिया, जिससे कंपनी कमांडर रोहित और तीन अन्य बीएसएफ जवान घायल हो गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें भीड़ बीएसएफ जवानों की ओर दौड़ती हुई और उन पर डंडों और बांस से हमला करती हुई दिख रही है।
घायल जवानों को इलाज के लिए बोक्सानगर प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) ले जाया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
