बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को रेप के आरोपी पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल बदलने से जुड़ी घटनाओं के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बिदादी के किसानों के विरोध-प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही होती है तो लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मामलों को सामने लाया जाता है।
जेडी(एस) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना, कुमारस्वामी के भतीजे हैं। प्रज्वल रेवन्ना, जो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी. देवेगौड़ा के पोते हैं, रेप के मामले में दोषी ठहराए गए हैं और अभी बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं।
बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने पूछा कि पराप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कथित घटनाओं को लेकर अधिकारी लगभग डेढ़ साल से क्या कर रहे थे और यह मुद्दा तब क्यों उठा जब बिदादी के किसानों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
प्रज्वल रेवन्ना को हिंडालगा जेल भेजने और फिर वापस लाने की मीडिया रिपोर्टों का जिक्र करते हुए उन्होंने इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा कि ट्रांसफर का आदेश किसने दिया, उन्हें वापस लाने का निर्देश किसने दिया और संबंधित फोन कॉल किसने किए। उन्होंने राज्य सरकार से जवाब देने की मांग की।
कुमारस्वामी ने साफ किया कि उन्होंने प्रज्वल रेवन्ना मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने की आलोचना नहीं की थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि दूसरे मामलों में भी उतनी ही गंभीरता दिखाई जानी चाहिए।
इस मामले से जुड़ी पेन ड्राइव के सर्कुलेशन की जांच की प्रगति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि उन्हें बनाने और बांटने के लिए कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया, कितनी महिलाओं ने शिकायतें दर्ज कराईं और जांच में क्या पता चला।
कुमारस्वामी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों से दो दिन पहले मांड्या और हसन इलाकों में पेन ड्राइव पर वीडियो बांटे गए थे।
बता दें कि हसन से प्रज्वल रेवन्ना ने जेडी(एस) की ओर से एनडीए उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और मांड्या से केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी चुनाव लड़ रहे थे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि राहुल गांधी ने दावा किया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 400 महिलाओं के साथ रेप किया है। उन्होंने पूछा कि उन 400 महिलाओं में से कितनी महिलाएं सामने आई हैं और केस दर्ज कराए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेन ड्राइव पर कई महिलाओं वाले वीडियो के सर्कुलेशन से उनके परिवारों की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो जारी करते समय महिलाओं की निजता की रक्षा के लिए उनके चेहरों को धुंधला नहीं किया गया था।
कुमारस्वामी ने यह भी जानना चाहा कि वीडियो किसने बनाए और फैलाए, वे कहां बनाए गए थे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो फैलाने वाले लोग हसन में आजादी से घूम रहे हैं और उन्होंने राज्य सरकार से इन सवालों के जवाब देने की मांग की।
