लखनऊ, 24 मई (आईएएनएस)। भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिले लंबे बिजली कटौती संकट से जूझ रहे हैं। राज्य के महाराजगंज, मिर्जापुर और बस्ती जिलों में बिजली कटौती से लोगों का दैनिक जीवन, खेती-किसानी और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
लगातार हो रही कटौती से लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण फॉल्ट बढ़ गए हैं और कई जगह कर्मचारियों की कमी भी बड़ी वजह बन रही है।
महाराजगंज जिले में लोगों ने सबसे ज्यादा नाराजगी जाहिर की। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर में 13 से 14 घंटे तक बिजली गायब रहती है। रात में भी तीन-तीन और चार-चार घंटे बिजली कटने से लोगों की नींद उड़ गई है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि भीषण गर्मी में बच्चों का हाल बेहाल है। किसानों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि उन्हें न डीजल मिल पा रहा है और न ही पर्याप्त बिजली। ऐसे में खेतों में लगे पंपिंग सेट कैसे चलेंगे, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार पूरी तरह फेल नजर आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब राजधानी लखनऊ में ही बिजली संकट है तो छोटे शहरों और कस्बों में राहत की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
महाराजगंज के एक अन्य निवासी ने प्रशासन पर लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, लेकिन प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं दिख रही। उन्होंने दावा किया कि न विधायक और न ही सांसद इस मुद्दे पर कोई ठोस हस्तक्षेप कर पाए हैं। डबल इंजन सरकार के बावजूद व्यापारी, किसान और आम लोग परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो इस मुद्दे पर बड़ा जनआंदोलन शुरू हो सकता है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजगंज के विधायक ऋषि त्रिपाठी ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण कई इलाकों से लगातार फॉल्ट की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि फॉल्ट की वजह से बिजली सप्लाई रोकनी पड़ती है। हालांकि विभाग लगातार सुधार कार्य में जुटा हुआ है और जहां भी शिकायत मिलती है, वहां इंजीनियर तुरंत समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी बीच महाराजगंज के सोनौली क्षेत्र में तैनात एक जूनियर इंजीनियर को कथित लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि बिजली कटौती के दौरान वह ड्यूटी से गायब रहे और स्थानीय विधायक के फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया।
मिर्जापुर में लोगों का कहना है कि दिनभर में केवल चार से पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। लोगों ने बताया कि गर्मी के कारण रात में सोना मुश्किल हो गया है और ठंडा पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा।
बस्ती जिले के भुअर निरंजनपुर गांव और महसो रोड इलाके में भी लोग बिजली संकट से परेशान हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक रात में बिजली नहीं रहने के कारण उन्हें घरों के बाहर सोने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली कभी आती है तो कभी चली जाती है और शिकायत सुनने वाला भी कोई नहीं है।
बस्ती के अधिकारियों ने माना कि कर्मचारियों की कमी भी बिजली आपूर्ति बाधित होने की एक बड़ी वजह है।
लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अब लोग सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं।

