वॉशिंगटन, 26 अगस्त (आईएएनएस)। फ्रीकी-अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने बुधवार को उन लोगों की आलोचना की, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के अमेरिका में होने वाले कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोरान ममदानी का नाम शामिल है। आरएसएस प्रमुख का यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन (एमएसजी) में होने वाला है।
मिलबेन ने कहा कि ममदानी और अन्य लोग इस कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विरोधी हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में मैरी मिलबेन ने लिखा, “ममदानी और ये सभी समाजवादी विचारधारा वाले लोग मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का विरोध करते हैं। यह बिल्कुल साफ है। चूंकि ये लोग समाजवाद की विचारधारा को मानते हैं, इसलिए वे पूंजीवाद को नहीं समझते। एमएसजी समाजवादी बयानों से नहीं चलता, बल्कि पूंजीवादी व्यवस्था के तहत काम करता है। इसलिए यह कार्यक्रम होगा और जारी रहेगा।”
मैरी मिलबेन ने ममदानी और उनके समर्थकों को सलाह दी कि वे खुद धन जुटाएं, एमएसजी किराए पर लें, और अपने विचारों के समर्थन में अलग रैली आयोजित करें। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य थीम की भी सराहना की।
उन्होंने लिखा, “ममदानी और उनके समाजवादी साथियों के लिए मेरी सलाह है कि वे पूंजीवादी बनें, पैसा जुटाएं, एमएसजी बुक करें और अपने मोदी-विरोधी विचारों के लिए खुद की रैली करें। वैसे मुझे इस रैली का शीर्षक पसंद है। हम सभी एक परिवार हैं। मुझे उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा भी होगी।”
41 वर्षीय हॉलीवुड अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन भारत में काफी लोकप्रिय हैं। उन्हें विशेष रूप से भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और भजन ‘ॐ जय जगदीश हरे’ गाने के लिए जाना जाता है।
मिलबेन की यह टिप्पणी उस बयान के बाद आई है, जिसमें न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोरान ममदानी ने मंगलवार को कहा था कि वे मोहन भागवत के इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते।
ममदानी ने पत्रकारों से कहा, “मैं इस रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं।”
उनका यह बयान तब आया, जब 61 नागरिक अधिकार, धार्मिक, सामुदायिक और वकालत से जुड़े संगठनों के गठबंधन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन से 29 अगस्त को होने वाला यह कार्यक्रम रद्द करने की मांग की।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हाल ही में अमेरिका पहुंचे हैं। वे न्यूयॉर्क शहर में आयोजित एक बड़े हिंदू सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं, जिसका उद्देश्य एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देना है।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में लोगों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर मानवता को जोड़ने वाले रिश्तों को पहचानने, परस्पर सम्मान, सद्भाव और एकता को अपनाने का संदेश दिया जाएगा।
आयोजकों ने इसे अमेरिका में आयोजित होने वाले सबसे बड़े और सबसे विविध हिंदू समुदाय सम्मेलनों में से एक बताया है। यह कार्यक्रम हिंदू पर्व रक्षाबंधन के उत्सव के साथ आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम की वेबसाइट के अनुसार, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को मैनहट्टन में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में संबोधन देंगे। वेबसाइट में 29 अगस्त के इस आयोजन को ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ बताया गया है, जिसका उद्देश्य हिंदू-अमेरिकी समुदाय को एक मंच पर लाना है।
आयोजकों का कहना है कि अमेरिका में सामाजिक एकता, बहुलतावाद, नागरिक भागीदारी और विभिन्न धर्मों के बीच बेहतर समझ जैसे मुद्दों की अहमियत लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में यह कार्यक्रम और भी प्रासंगिक हो जाता है। यह सम्मेलन सार्वजनिक जीवन में हिंदू-अमेरिकियों की बढ़ती भूमिका और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कारोबार, जनसेवा, परोपकार तथा सामाजिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान को भी रेखांकित करेगा।
