चेन्नई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 4 मई को मतगणना से पहले अभिनेता-राजनेता विजय विभिन्न धर्मों के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दौरे की तैयारी में हैं।
सूत्रों के अनुसार, विजय 2 मई को प्रसिद्ध वेलंकन्नी बेसिलिका चर्च जाएंगे। इसके बाद वह ऐतिहासिक नागोर दरगाह का दौरा करेंगे। ईसाई और मुस्लिम आस्था से जुड़े ये दोनों तीर्थस्थल उनकी जारी आध्यात्मिक यात्रा के सर्वधर्म समभाव वाले स्वरूप को दर्शाते हैं।
यह भी संकेत मिले हैं कि विजय नवग्रह मंदिरों के दर्शन भी कर सकते हैं, हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन प्रस्तावित दौरों का समय राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में चुनाव परिणामों को लेकर उत्सुकता चरम पर है। विजय ने इस विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के साथ चुनावी राजनीति में पदार्पण किया है और बहुकोणीय मुकाबले में वह एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं।
इस सप्ताह की शुरुआत में विजय ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर से की थी, जो भगवान मुरुगन के छह प्रमुख धामों में से एक है। मंदिर खुलने के तुरंत बाद उन्होंने ‘विश्वरूप दर्शन’ में भाग लिया और शन्मुगर, वल्ली, देवयानी, दक्षिणामूर्ति और पेरुमल समेत कई मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
मंदिर के पुजारियों ने उनका पारंपरिक ‘पूर्ण कुंभ’ से स्वागत किया और उन्हें सम्मानस्वरूप प्रसाद व पूजन सामग्री भेंट की।
इसके बाद विजय महाराष्ट्र गए और शिरडी साईं बाबा मंदिर में दर्शन किए। वह चेन्नई से निजी विमान से रवाना हुए, दर्शन किए और उसी शाम वापस लौट आए।
मतगणना से ठीक पहले विजय की इस आध्यात्मिक यात्रा के समय ने काफी ध्यान आकर्षित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभिन्न धर्मस्थलों के दौरे सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीकात्मक संदेश हैं और साथ ही समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़ने की कोशिश भी दर्शाते हैं।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि ये दौरे अहम चुनावी नतीजों से पहले आशीर्वाद लेने और निर्णायक राजनीतिक मोड़ पर अपनी सार्वजनिक छवि मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
जैसे-जैसे नतीजों की घड़ी करीब आ रही है, विजय की गतिविधियों पर राजनीतिक और आम जनता, दोनों की नजर बनी हुई है।

