तमिलनाडु में विभागों का बंटवारा, गृह और पुलिस विभाग अपने पास रखेंगे मुख्यमंत्री विजय

0
4

चेन्नई, 16 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गृह, सार्वजनिक प्रशासन और पुलिस जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं। 10 मई को शपथ लेने वाले मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा औपचारिक रूप से पूरा कर लिया गया है, जिसे नई सरकार के प्रशासनिक ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री की सिफारिशों के आधार पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विभागों के आवंटन को मंजूरी दी।

सरकार के गठन के एक सप्ताह से भी कम समय में हुए इस विभागीय बंटवारे के साथ अब विजय सरकार प्रशासनिक संरचना और नीतिगत प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

विभागों के आवंटन से साफ संकेत मिलता है कि सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों पर सीधा नियंत्रण बनाए रखना चाहती है, जबकि विकास और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों को अन्य मंत्रियों में बांटा गया है।

मुख्यमंत्री विजय सार्वजनिक प्रशासन, पुलिस, गृह, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, महिला कल्याण, युवा कल्याण, बाल कल्याण, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजन कल्याण, नगर प्रशासन और शहरी जलापूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे राज्य के कई प्रभावशाली विभाग सीधे उनके नियंत्रण में रहेंगे।

एन आनंद को ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग सौंपा गया है, जिसमें सिंचाई परियोजनाएं और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम शामिल हैं।

आधव अर्जुन को लोक निर्माण और खेल विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि केजी अरुणराज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग संभालेंगे।

वरिष्ठ नेता के. ए. सेंगोत्तैयन को वित्त विभाग के साथ पेंशन और पेंशन भत्तों की जिम्मेदारी दी गई है।

पी. वेंकटरमणन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग संभालेंगे, जबकि आर. निर्मलकुमार को ऊर्जा संसाधन और कानून विभाग दिया गया है। उनके पास बिजली, न्यायालय, जेल और विधायी मामलों की जिम्मेदारी भी रहेगी।

राजमोहन को स्कूल शिक्षा, तमिल विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सौंपा गया है। वहीं, टीके प्रभु प्राकृतिक संसाधन और खनन से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

मंत्रिमंडल की सबसे युवा सदस्य सेल्वी एस. कीर्तना को उद्योग और निवेश प्रोत्साहन विभाग दिया गया है।

विभागों का बंटवारा पूरा होने के बाद अब विजय सरकार नीति क्रियान्वयन, प्रशासनिक पुनर्गठन और पहले पूर्ण विधानसभा सत्र की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेगी।