ग्रेटर नोएडा, 16 मई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के जारचा थाने की पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री कराने और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपी को लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से लाल कुआं क्षेत्र के पास से गिरफ्तार किया।
आरोपी के खिलाफ थाना जारचा में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विनोद कुमार सिंह पुत्र हरपाल सिंह के रूप में हुई है। आरोपी मूलरूप से ग्राम आदमपुर, थाना टप्पल, जनपद अलीगढ़ का निवासी है और वर्तमान में गाजीपुर, थाना पटपड़गंज, दिल्ली में रह रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खुद को जमीन का वास्तविक भू-स्वामी बताता था और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनों की अवैध रजिस्ट्री कराया करता था। इसी माध्यम से गिरोह ने कई लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की।
जारचा थाने की पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही सात अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि विनोद कुमार सिंह फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ थाना जारचा में कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है। ये धाराएं धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा कई जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री कर लोगों से बड़ी रकम वसूली गई थी। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।
थाना जारचा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भूमि की खरीद-फरोख्त से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य कराएं और राजस्व विभाग से सत्यापन के बाद ही कोई लेनदेन करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

