चेन्नई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बुधवार को शोलिंगनल्लूर में 3,108.55 करोड़ रुपये की रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना का मकसद चेन्नई में पीने के पानी की सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करना और पानी की कमी के समय सप्लाई जोन के बीच पानी को दूसरी तरफ भेजने की सुविधा देना है।
यह प्रोजेक्ट पीने के पानी के नौ स्रोतों को लोहे की पाइपलाइनों के 98 किलोमीटर लंबे नेटवर्क से जोड़ेगा। इनमें पूंडी, पुझल, चोलवरम और चेम्बरमबक्कम जलाशय शामिल हैं। साथ ही समुद्र के पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट भी हैं, जो शहर की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करते हैं।
इन स्रोतों को एक कॉमन नेटवर्क से जोड़कर, यह स्कीम मौजूदा डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम की एक बड़ी कमी को दूर करना चाहती है। एक सप्लाई सिस्टम से अतिरिक्त पानी को आसानी से उन इलाकों में न भेज पाना जो किसी दूसरे स्रोत पर निर्भर हैं और जहां पानी की कमी है।
चेन्नई मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड अभी शहर में रोजाना लगभग 1,200 मिलियन लीटर पीने का पानी सप्लाई करता है। अलग-अलग सप्लाई सुविधाओं से पानी खास तौर पर बनाए गए मेन पाइपलाइनों के जरिए अलग-अलग इलाकों तक पहुंचता है, जो उनके डिस्ट्रिब्यूशन एरिया के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं।
हालांकि, ये अलग-अलग इंतजाम लचीलेपन को सीमित करते हैं, जब किसी खास स्रोत में पानी की कमी हो जाती है। भले ही किसी दूसरी सुविधा के पास अतिरिक्त सप्लाई हो, मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर उस पानी को आसानी से प्रभावित इलाकों की जरूरत पूरी करने के लिए दूसरी जगह भेजने की इजाजत नहीं देता।
प्रस्तावित रिंग मेन स्रोतों के बीच इंटरकनेक्शन देगा, जिससे एक ऐसा नेटवर्क बनेगा जिसके जरिए उपलब्धता और जरूरतों के हिसाब से सप्लाई को फिर से बांटा जा सकेगा। इसका मकसद वॉटर बोर्ड को पानी की असमान उपलब्धता के समय चेन्नई में ज्यादा एक जैसी सप्लाई बनाए रखने में मदद करना है।
इस योजना को पिछली डीएमके सरकार ने ग्रेटर चेन्नई के पीने के पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियों को दूर करने के लिए 3,108.55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार किया था। बुधवार को होने वाला शिलान्यास समारोह मौजूदा सरकार के तहत इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की दिशा में अगला कदम होगा।
इस प्रोजेक्ट का महत्व शहर के मौजूदा पानी के स्रोतों को एक आपस में जुड़े सिस्टम के तौर पर काम करने लायक बनाने में है। अभी, जलाशय और डिसेलिनेशन प्लांट अलग-अलग डिजाइन की गई पाइपलाइनों के जरिए चेन्नई के अलग-अलग हिस्सों में पानी पहुंचाते हैं, जिससे किसी एक स्रोत से सप्लाई कम होने पर बदलाव करने की गुंजाइश कम रहती है।
उम्मीद है कि ‘रिंग मेन’ से वॉटर बोर्ड को इन सप्लाई को मैनेज करने में ज़्यादा ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। आपस में जुड़े इस नेटवर्क से उपलब्ध पानी को उन इलाकों में भेजा जा सकेगा जहां पानी की कमी है, जिससे शहर के अलग-अलग सप्लाई जोन में पीने के पानी का वितरण अधिक सुचारू और भरोसेमंद बनाने के बड़े मकसद को पूरा करने में मदद मिलेगी।
