विश्वजीत सहाय ने संभाला रक्षा वित्त सचिव का पदभार, भरत खेड़ा ने संभाली एमएसएमई मंत्रालय के सचिव पद की जिम्मेदारी

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नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के 1990 बैच के अधिकारी विश्वजीत सहाय ने रक्षा मंत्रालय में सचिव (रक्षा वित्त) का पद संभाल लिया है। यह जानकारी शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई।

इससे पहले वे रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के पद पर कार्यरत थे।

विश्वजीत सहाय सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और कानून की डिग्री भी रखते हैं। उनके पास रक्षा वित्त और लोक प्रशासन में 30 साल से अधिक का अनुभव है।

मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार, भारी उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव, रक्षा मंत्रालय में फाइनेंस मैनेजर (अधिग्रहण शाखा) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।

रक्षा लेखा विभाग में भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं, जैसे प्रयागराज में रक्षा लेखा के प्रधान नियंत्रक (पेंशन), संयुक्त सीजीडीए और विशेष सीजीडीए।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यूके) और जॉर्ज सी. मार्शल यूरोपियन सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज (जर्मनी) जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है।

इस बीच, भरत खेड़ा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय में सचिव का पदभार संभाल लिया है।

हिमाचल प्रदेश कैडर के 1995 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी भरत खेड़ा के पास केंद्र और राज्य सरकार में 30 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है। इससे पहले वे उपभोक्ता मामले विभाग में अतिरिक्त सचिव थे।

उन्होंने नवंबर 2014 से फरवरी 2020 तक रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी काम किया।

संयुक्त सचिव (एयर) के रूप में उन्होंने भारतीय वायु सेना से जुड़े मामलों को संभाला और 2017 से 2020 तक लगातार चार साल तक गणतंत्र दिवस समारोह जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी भी निभाई।

इसके अलावा, उन्होंने रक्षा मंत्रालय में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संबंधित मामलों की भी देखरेख की।

इसके बाद खेड़ा ने लगभग दो साल तक कैबिनेट सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में काम किया, जहां उन्होंने वाणिज्य, उद्योग और तकनीक से जुड़े मामलों को संभाला और कोविड-19 महामारी के दौरान नीतिगत फैसलों में योगदान दिया।

वर्तमान में एमएसएमई क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान दे रहा है और रोजगार सृजन से लेकर विनिर्माण तथा निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एमएसएमई सचिव के रूप में खेड़ा इस क्षेत्र को सशक्त बनाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में एमएसएमई की भूमिका को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।