Friday, May 22, 2026
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जम्मू : बॉयफ्रेंड ने नहीं उठाया कॉल तो महिला ने खुद को लगा ली आग, अस्पताल में चल रहा इलाज

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जम्मू, 22 मई (आईएएनएस)। जम्मू शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर अपने बॉयफ्रेंड द्वारा कॉल नजरअंदाज किए जाने के बाद खुद को आग लगा ली।

पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार को तवी पुल इलाके के पास हुई, जब महिला ने कथित तौर पर गुस्से में आकर अपने ऊपर कोई ज्वलनशील पदार्थ डाला और खुद को आग लगा ली। पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि 22 साल की महिला ने कथित तौर पर खुद को आग इसलिए लगाई क्योंकि उसके बॉयफ्रेंड ने उसकी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।

इसके बाद वहां से गुजर रहे लोग तुरंत उसकी मदद के लिए आगे बढ़े और पुलिस को इसकी सूचना दी। हालांकि, लोगों की मदद से पुलिस के पहुंचने से पहले ही आग बुझा दी गई थी। पुलिसकर्मियों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि महिला लगभग 80 प्रतिशत जल गई है और उसका इलाज चल रहा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि इस घटना के पीछे की वजह उनके रिश्तों में आई कड़वाहट थी। अधिकारी ने बताया कि गुरुवार रात अस्पताल में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में महिला का बयान दर्ज किया गया।

अधिकारी ने कहा, “उसने जांचकर्ताओं को बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से उसकी अपने बॉयफ्रेंड से कोई बात नहीं हुई थी, क्योंकि वह उसकी कॉल का जवाब नहीं दे रहा था। उसने कहा कि उसका मरने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन उसने गुस्से में आकर यह कदम उठाया।” पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि भारत में, ‘प्यार में नाकाम’ या ‘प्यार में असफलता’, दिल टूटने, एकतरफा प्यार, या रिश्तों के टूटने के कारण लोग अपनी जान दे देते हैं। यह एक बेहद गंभीर सामाजिक समस्या है, जो अक्सर समाज के भारी कलंक और रिश्तों में बंधे युवाओं पर पड़ने वाले भारी निजी दबाव के कारण पैदा होती है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, हर साल ‘प्रेम संबंधों’ या ‘प्यार में मिली असफलता’ के कारण हजारों लोग दुखद रूप से आत्महत्या कर लेते हैं। ऐसे करने वाले सबसे अधिक लोगों की उम्र 15 से 29 वर्ष की आयु होती है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे पहले खुद से प्यार करना चाहिए और किसी भी जानलेवा कदम को उठाने से पहले सोचना चाहिए। ऐसी घटनाएं जीवन का सिर्फ एक मोड़ हैं, जहां युवाओं को दिल टूटने जैसा सदमा लगता है। लेकिन, हमेशा याद रखना चाहिए कि जीवन में जो होता है, हमारी अच्छाई के लिए होता है। लिहाजा, परिवार से बातचीत करें, किताबें पढ़ें और खुद पर काम करना जारी रखें।