Sunday, August 2, 2026
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‘बदले की राजनीति’ के खिलाफ लड़ेंगे, आंध्र सीएम नायडू पर जगन का हमला

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हैदराबाद, 2 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर “बदले की राजनीति” और “तानाशाही शासन” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने की कथित प्रथा के खिलाफ लड़ने का संकल्प जताया।

जगन ने जिला चयन समिति-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

एक्स पर एक संदेश में जगन मोहन रेड्डी ने कहा, “चंद्रबाबू, यह याद रखिए: राजनीतिक सत्ता स्थायी नहीं होती। न ही पुलिस की ताकत स्थायी है। झूठे मामले भी स्थायी नहीं हैं। आप चाहे जितने मामले दर्ज कर लें, चाहे आधी रात में कितनी भी गिरफ्तारियां कर लें, कितने भी दरवाजे तोड़ दें, या कितने भी पुलिसकर्मी तैनात कर दें, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पीछे नहीं हटेगी। हम पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे, अन्याय को चुनौती देंगे और तानाशाही शासन के खिलाफ लड़ेंगे।”

उन्होंने कहा, “आप लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन आप लोगों के दिलों में बसे साहस को नहीं तोड़ सकते, न ही उनके सवालों को दबा सकते हैं।”

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख ने यह भी दावा किया कि जेन जी पूरे राज्य में आवाज उठा रही है और सरकार से सवाल कर रही है।

जगन मोहन रेड्डी ने पूछा, “डीएससी-2025 में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच क्यों नहीं हुई? शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने इन आरोपों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया? सरकार विद्या दीवेना और वसति दीवेना योजनाओं के तहत बकाया 9,500 करोड़ रुपये क्यों जारी नहीं कर रही है? बेरोजगारी भत्ते के रूप में हर महीने 3,000 रुपये देने का वादा क्यों छोड़ दिया गया? पिछले तीन साल में हर बेरोजगार युवा के बकाया 1.08 लाख रुपये सरकार कब देगी?”

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। जवाब देने के बजाय सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए झूठे मामले, आधी रात की गिरफ्तारियां और पुलिस की ज्यादतियों का सहारा ले रही है।

राज्य पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने कहा, “अगर हमला करने वाले सत्ताधारी पार्टी के हैं तो उन्हें संरक्षण मिलता है। अगर पीड़ित वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाते हैं।”

उन्होंने कहा, “अगर जनप्रतिनिधि पीड़ितों के साथ खड़े होते हैं तो उन पर भी केस दर्ज हो जाता है। जो सरकार से सवाल करते हैं उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। जो जवाबदेही मांगने की हिम्मत करते हैं उनके घर आधी रात को पुलिस छापे मारती है और दरवाजे तोड़ दिए जाते हैं। क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही न्याय है? क्या यही कानून का राज है?”