बेंगलुरु, 8 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को आश्वासन दिया कि कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, क्योंकि हाल ही में विस्तारित मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों को शामिल करने की कांग्रेस के भीतर से मांगें बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, “हमारी कैबिनेट में निश्चित रूप से एक महिला मंत्री होंगी। हम महिलाओं को और मजबूत बनाएंगे।”
उन्होंने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस. निजलिंगप्पा की पुण्यतिथि के मौके पर विधान सौधा परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बात की।
कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की गैर-मौजूदगी पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की आलोचना का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक को पेश करने और पारित कराने में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई थी।
शिवकुमार ने कहा, “कांग्रेस ने ही यह बिल तैयार किया और इसे लोकसभा में पास करवाया। लोकसभा चुनाव के दौरान हमने कर्नाटक में महिलाओं को ज्यादा सीटें दी थीं। कैबिनेट विस्तार का मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। रिजिजू को कांग्रेस की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपनी पार्टी और सरकार के बारे में सोचना चाहिए।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नई दिल्ली जा रहे हैं तो शिवकुमार ने कहा, “मुझे जाना ही है, है ना? निकलने से पहले हम आपको बता देंगे।”
एस. निजलिंगप्पा को श्रद्धांजलि देते हुए शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री को एक प्रतिष्ठित नेता बताया, जिन्होंने कर्नाटक का मान बढ़ाया और राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में अहम भूमिका निभाई।
शिवकुमार ने याद करते हुए कहा, “हम पूर्व मुख्यमंत्री एस. निजलिंगप्पा को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मैंने निजलिंगप्पा से कई बार बातचीत की थी। एसएम कृष्णा और मैं कई मौकों पर उनसे मिलने गए थे। सोनिया गांधी भी उनसे मिलने चित्रदुर्ग गई थीं।”
उन्होंने कहा कि निजलिंगप्पा ने कर्नाटक के एकीकरण के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई और वे महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रभावित थे।
शिवकुमार ने कहा, “निजलिंगप्पा एक जाने-माने नेता थे, जिन्होंने कर्नाटक का मान बढ़ाया। उन्होंने कर्नाटक के एकीकरण के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई और महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपनाया। वे कर्नाटक के उन नेताओं में से एक थे, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर काम किया। उनके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं।”
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर कर्नाटक और कन्नड़ हितों की आवाज उठाने में निजलिंगप्पा की भूमिका पर भी जोर दिया।
शिवकुमार ने कहा कि सादगी निजलिंगप्पा के खास गुणों में से एक थी और राज्य के विकास, खासकर सिंचाई के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा, “उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी खूबी थी। सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में लेने के लिए कदम उठाए, ताकि वह दूसरों के हाथों में न चली जाए। निजलिंगप्पा ने अपने प्रशासन के जरिए धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और बसवन्ना के आदर्शों को अपनाया।”
शिवकुमार ने 1924 के बेलगावी कांग्रेस अधिवेशन के दौरान निजलिंगप्पा की भूमिका को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस और देश के राजनीतिक इतिहास में उनका योगदान अच्छी तरह से दर्ज है।
उन्होंने भद्रा और अपर कृष्णा प्रोजेक्ट्स समेत सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में निजलिंगप्पा की अहम भूमिका का भी श्रेय दिया।
सीएम शिवकुमार ने कहा, “उन्होंने भद्रा और अपर कृष्णा जैसी सिंचाई परियोजनाओं के लिए अहम नेतृत्व प्रदान किया। उनके परिवार का समर्थन और देखभाल की जानी चाहिए। भले ही निजलिंगप्पा मुख्यमंत्री रहे, उनकी बेटी उसी कॉलेज में लेक्चरर थीं, जहां मैंने पढ़ाई की थी। वे सादा जीवन जीते थे। उनका मार्गदर्शन और उनके मूल्य हमारे लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे।”

