अमरावती, 17 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने मेगा डीएससी के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने विधानसभा में आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अदालतों का सहारा लेकर जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की।
सोमवार को विधानसभा में अपने बयान में नारा लोकेश ने कहा कि जिला चयन समिति (डीएससी) को रोकने या उसमें बाधा डालने के लिए 148 दिनों में 141 मामले दर्ज किए गए।
नारा लोकेश ने दावा किया कि सरकार कानूनी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम रही, क्योंकि मेगा डीएससी अधिसूचना सावधानीपूर्वक और सभी नियमों का पालन करते हुए तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने विभाग को निर्देश दिया था कि यदि अधिसूचना कानूनी जांच के किसी भी चरण में विफल रहती है तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन सरकार ने अंततः मेगा डीएससी भर्ती पूरी की, ऑफर लेटर जारी किए, चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया और उन्हें स्कूलों में तैनात किया, जिसे उन्होंने ‘जनता की सरकार’ की उपलब्धि बताया।
लोकेश ने यह भी दावा किया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल कोटा के तहत भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की गई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्देश्य खिलाड़ियों को नियमित परीक्षाओं के अधीन करना नहीं था, बल्कि खेल कोटा के माध्यम से नियुक्तियां प्रदान करके खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित और बढ़ावा देना था। उन्होंने आगे कहा कि संबंधित मंत्री के नेतृत्व में और केंद्र की सिफारिशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त खेल विधाओं की संख्या 29 से बढ़ाकर 65 कर दी गई है।
लोकेश ने घोषणा की कि राज्य सरकार युवाओं के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए हर साल डीएससी का आयोजन करेगी और कहा कि इस पर कोई पुनर्विचार नहीं होगा और सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मेगा जॉब कैलेंडर के तहत इस वर्ष डीएससी के माध्यम से 3,000 शिक्षक पदों को पहले ही भर दिया है।
उन्होंने सदन को बताया कि सरकार ने अब तक मेगा जॉब कैलेंडर के माध्यम से ग्रुप-1, ग्रुप-2 और डीएससी भर्तियों को मिलाकर लगभग 10,060 पदों को भरा है, जबकि टीईटी परीक्षाएं भी हाल ही में संपन्न हुई हैं।

