दुर्गापुर, 21 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में आध्यात्मिक गुरु हिरण्मय महाराज ने गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार द्वारा इमाम और पुरोहित भत्ता बंद करने का फैसला सही है। सरकार की योजनाएं और सुविधाएं सभी लोगों के लिए समान होनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ किसी खास वर्ग के लिए अलग व्यवस्था बनाने की बजाय समाज के गरीब, वंचित और उपेक्षित लोगों के लिए काम करना ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इमाम भत्ता हो या पुरोहित भत्ता, उससे ज्यादा जरूरी यह है कि राज्य के उन लोगों तक सहायता पहुंचे जो वास्तव में जरूरतमंद हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में नई सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अगर सरकार समानता के आधार पर काम करती है तो यह समाज के लिए अच्छा कदम है। उन्होंने सीएम सुवेंदु अधिकारी के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कर रहे हैं और यह स्वागत योग्य है।
स्कूलों और मदरसों में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य करने के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति हर नागरिक के दिल में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अंदर बचपन से ही देश के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना विकसित करना जरूरी है, क्योंकि वही आगे चलकर देश का भविष्य बनते हैं।
वंदे मातरम को लेकर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि देशभक्ति की भावना का प्रतीक है। उनके अनुसार स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और मदरसों समेत सभी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रप्रेम का माहौल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों और युवाओं में देश के प्रति लगाव और जिम्मेदारी की भावना नहीं होगी तो समाज में गलत सोच बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में रहकर देश का विरोध करने वाली मानसिकता सही नहीं है। उनका मानना है कि हर नागरिक को भारत और उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम की भावना समाज को जोड़ने का काम करती है और इसे शिक्षा के माध्यम से मजबूत किया जाना चाहिए।
हिरण्मय महाराज ने कहा कि विद्यार्थियों के मन में सकारात्मक सोच, देशभक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की जरूरत है। उनके अनुसार वंदे मातरम जैसे गीत बच्चों में देश के प्रति सम्मान और जुड़ाव पैदा करते हैं।

