दोहा, 30 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया टकराव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों या जहाजों की संख्या काफी कम हो गई है। इस बीच कतर एनर्जी के नियंत्रण वाला एक लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) टैंकर (बुधवार-गुरुवार की रात) होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजर गया। जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, 11 जुलाई के बाद यह पहला कतर एनर्जी-नियंत्रित एलएनजी पोत है जिसने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से बाहर निकलने में सफलता पाई।
केप्लर और एलएसईजी के आंकड़ों के मुताबिक,अल अरीश नामक टैंकर ने 4 से 6 जुलाई के बीच कतर के रस लाफान टर्मिनल से एलएनजी का कार्गो लोड किया था और 29 जुलाई की रात होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल गया।
एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, यह टैंकर फिलहाल पाकिस्तान के पोर्ट कासिम की ओर बढ़ रहा है, जहां इसके 31 जुलाई को पहुंचने का अनुमान है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अल रेकय्यात नामक टैंकर के जुलाई की शुरुआत में प्रभावित होने के बाद यह पहली बार है जब कतर एनर्जी के नियंत्रण वाला कोई एलएनजी टैंकर होर्मुज से बाहर निकला है। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि बुधवार रात होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में एक तेल टैंकर में भीषण आग लग गई। इसके बाद उसी रास्ते से गुजर रहे दो दूसरे तेल जहाज आगे बढ़ने के बजाय लौट गए।
आईआरजीसी का आरोप है कि अमेरिकी विमान इन जहाजों को एक ‘असुरक्षित रास्ते’ से ले जा रहे थे। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि आग कैसे लगी, टैंकर कौन से थे और घटना में कोई हताहत हुआ या नहीं। आईआरजीसी के अनुसार, “जब तक अमेरिका क्षेत्र की समुद्री गतिविधियों में दखल देता रहेगा और धमकियां देता रहेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा।” उसने यह भी कहा कि अमेरिका को इसका जवाब दिया जाएगा।

