नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे ने मिशन मोड में भर्ती अभियान चलाकर अपने कार्यबल को लगातार मजबूत किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2014 से 30 जून 2026 तक भारतीय रेलवे में 5.56 लाख लोगों की भर्ती की जा चुकी है, जिनमें दक्षिण रेलवे में 50,485 नियुक्तियां शामिल हैं। इसके मुकाबले 2004-05 से 2013-14 के बीच रेलवे में 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं।
रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। रेलवे के विशाल नेटवर्क, बदलती तकनीक, आधुनिकीकरण और परिचालन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर नई भर्तियां की जाती हैं। आवश्यकतानुसार रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाती है।
उन्होंने कहा कि रेलवे भर्ती परीक्षाएं बड़े स्तर पर आयोजित की जाती हैं, जिनमें भारी संख्या में संसाधनों और वर्कफोर्स की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद रेलवे ने सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक आयोजित की हैं।
रेल मंत्रालय ने वर्ष 2024 से ग्रुप ‘सी’ के विभिन्न पदों के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू किया है, जिससे अभ्यर्थियों को हर साल नियमित भर्ती का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा, परीक्षाओं की निश्चित समय-सारिणी, भर्ती प्रक्रिया में तेजी, प्रशिक्षण और नियुक्तियों में भी गति आई है।
वर्तमान में वार्षिक भर्ती कैलेंडर 2024, 2025 और 2026 के तहत भारतीय रेलवे में 1,61,889 गैर-राजपत्रित पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इनमें दक्षिण रेलवे के 11,387 पद भी शामिल हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2024 के दौरान 10 केंद्रीय रोजगार अधिसूचनाएं (सीईएन) जारी की गईं, जिनके माध्यम से 92,116 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। इनमें सहायक लोको पायलट (एएलपी), तकनीशियन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल, जूनियर इंजीनियर (जेई), डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट (डीएमएस), केमिकल एवं मेटलर्जिकल असिस्टेंट (सीएमए), पैरामेडिकल, नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (ग्रेजुएट और अंडरग्रेजुएट), मिनिस्ट्रियल एवं आइसोलेटेड कैटेगरी तथा लेवल-1 के पद शामिल थे।
इन सभी 92,116 पदों के लिए प्रथम चरण अथवा एकल चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) पूरी हो चुकी है। इसके अलावा एएलपी और एनटीपीसी (ग्रेजुएट) के लिए कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (सीबीएटी) तथा एनटीपीसी और मिनिस्ट्रियल श्रेणी के लिए स्किल टेस्ट भी सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि 2026-27 (30 जून 2026 तक) विभिन्न पदों जैसे तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल, मिनिस्ट्रियल एवं आइसोलेटेड कैटेगरी तथा सहायक लोको पायलट के लिए 3,300 से अधिक उम्मीदवारों के चयन पैनल अंतिम रूप दिए जा चुके हैं। इनमें अधिकांश पद रेलवे की सुरक्षा से जुड़े हैं।
वार्षिक भर्ती कैलेंडर 2025 के तहत रेलवे ने 9 केंद्रीय रोजगार अधिसूचनाएं जारी कर 51,970 रिक्तियों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इनमें दक्षिण रेलवे के 3,412 पद शामिल हैं।
इनमें से 29,775 पदों के लिए प्रथम चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी हो चुकी है। वहीं, जूनियर इंजीनियर (जेई), डीएमएस, सीएमए और एनटीपीसी (ग्रेजुएट) के लिए दूसरे चरण की सीबीटी भी आयोजित की जा चुकी है। इसके अलावा सेक्शन कंट्रोलर के 368 पदों के लिए कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (सीबीएटी) भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिसमें 2,989 उम्मीदवारों ने 24 शहरों में दो भाषाओं में परीक्षा दी।
रेल मंत्रालय ने बताया कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर 2026 के तहत अब तक 3 केंद्रीय रोजगार अधिसूचनाएं जारी की गई हैं, जिनके माध्यम से 17,803 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें दक्षिण रेलवे के 1,048 पद भी शामिल हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2024 और 2025 के भर्ती चक्र के दौरान आयोजित विभिन्न कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (सीबीटी) में करीब 4.5 करोड़ अभ्यर्थियों ने भाग लिया। ये परीक्षाएं देश के 150 से अधिक शहरों में 15 भारतीय भाषाओं में आयोजित की गईं, ताकि देशभर के युवाओं को अपनी भाषा में परीक्षा देने का अवसर मिल सके और भर्ती प्रक्रिया अधिक सुगम एवं समावेशी बन सके।

