चेन्नई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति में 23 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हो गया। पूरे राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ और इस बार मतदाताओं की भागीदारी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। लगभग 85 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले, जो तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत है।
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर इस उपलब्धि पर गहरी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि राजनीति अब केवल कुछ अनुभवी लोगों या पद का आनंद लेने वालों तक सीमित नहीं रही। आम लोगों, खासकर युवाओं और महिलाओं ने राजनीति को अपनी मुट्ठी में ले लिया है। जो लोग पहले राजनीति को कुछ खास लोगों की सीमा में कैद करके रखते थे, उनकी सारी गणनाएं आम जनता ने चकनाचूर कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य एक-एक करके, छोटे-छोटे बच्चों को साथ लेकर मतदान केंद्रों पर पहुंचे। मतदान केंद्रों पर मंदिरों जैसी भारी भीड़ देखी गई। कई लोग दूसरे राज्यों और यहां तक कि विदेशों से भी भारी खर्च करके सिर्फ वोट डालने के लिए आए। यह देखकर हर कोई हैरान रह गया। पार्टी ने इन्हें सच्चे लोकतंत्र प्रेमी बताया और उनके सम्मान में हाथ जोड़कर नमस्कार किया।
वहीं, बयान में आगे कहा गया कि 23 अप्रैल को ‘चुनाव का त्योहार’ या ‘लोकतांत्रिक उत्सव’ का असली मतलब समझ आया। यह तो बस शुरुआत है। तमिलनाडु के लोगों ने मिलकर तमिल चुनावी राजनीति को नई परिभाषा दी है।
उन्होंने अपने परिवार की ओर से पूरा आभार जताया। पार्टी प्रमुख विजय ने अपने सबसे छोटे और प्यारे साथी (बेस्टि) को विशेष नमस्कार किया और उसे ‘विजय मामा’ कहकर संबोधित किया, जिन्होंने परिवार के सदस्यों का मार्गदर्शन किया।
टीवीके प्रमुख ने मतदान केंद्रों के एजेंटों, पार्टी के साथियों (कॉमरेड्स) और सभी स्तर के प्रशासकों को भी हार्दिक धन्यवाद दिया। जिन लोगों ने पहले मजाक उड़ाया था कि “तुम्हें राजनीति की क्या समझ है” या “तुम कैसे टिक पाओगे”, उनको पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपने काम से जबरदस्त जवाब दिया है। परिवार के उन सदस्यों को भी शुक्रिया कहा गया, जिन्होंने पार्टी के साथियों को मजबूत सहारा दिया।
विजय ने सभी से अपील की है कि आशावान बने रहें। सिर्फ अच्छा ही होगा और जीत निश्चित है। पार्टी का मानना है कि इस रिकॉर्ड मतदान ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर दिया है। युवा और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भविष्य के लिए बहुत आशा भरा संकेत है।

