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जब देश की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो, तो केवल बातचीत का रास्ता चुनना कायरता : एनडीए नेता

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नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के एक बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि जब भारत पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस दिखा सकता है, तो उसी पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का साहस क्यों नहीं दिखा सकता? उनके इस बयान पर एनडीए के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

बिहार की राजधानी पटना में जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने मणिशंकर अय्यर के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि वह एक अनुभवी नेता हैं और पहली बार ऐसा लग रहा है कि वह कांग्रेस के पक्ष में बैटिंग कर रहे हैं। हाल के दिनों में अय्यर ने अपने बयानों से कांग्रेस के लिए लगातार मुश्किलें खड़ी की हैं, लेकिन इस बार उनका अंदाज बदला हुआ नजर आ रहा है। कूटनीति के मोर्चे पर सरकार ने पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने के लिए जो भी संभव प्रयास हो सकते थे, वे किए हैं। लेकिन, जब देश की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो, तो केवल बातचीत का रास्ता चुनना कायरता होगी।

उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब इस तरह की घटनाएं होती हैं, जहां बहनों के सुहाग उजड़ जाते हैं और निर्दोष लोग मौत की नींद सुला दिए जाते हैं, उस समय सिर्फ बातचीत करना देशहित में नहीं है। ऐसे समय में भारत ने जो किया, वह बिल्कुल सही था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों को करारा जवाब दिया, उनके आतंकी ठिकानों को जमींदोज किया और सौ से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया।

जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया और उसकी बड़बोली सियासत और फौजी ताकत के दावों की कलई खोल दी। भारत की नीति स्पष्ट है, जब वार्ता जरूरी होगी तो वार्ता करेंगे, लेकिन जब युद्ध जरूरी होगा तो युद्ध का विकल्प भी खुला है। यही नए भारत की नीति है।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता वल्लुरु जयप्रकाश ने भी मणिशंकर अय्यर के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर प्रधानमंत्री मोदी को कूटनीति सिखाना चाहते हैं, जबकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को भूल रहे हैं। प्रधानमंत्री की नीति हमेशा से स्पष्ट रही है कि आतंकवाद पर पहले प्रहार करो और साथ-साथ कूटनीति भी जारी रखो।

जयप्रकाश ने कहा कि कांग्रेस को अपनी पुरानी नीतियों को भूल जाना चाहिए। यह नया भारत है और प्रधानमंत्री मोदी की नीति पाकिस्तान को भारत की ताकत का एहसास कराते हुए संवाद जारी रखने की है। पाकिस्तान से बिना अपनी ताकत दिखाए केवल बातचीत करना भारत के हित में नहीं है। कांग्रेस की महाभियोग जैसी पुरानी नीतियां अब खत्म हो चुकी हैं। मोदी सरकार के लिए भारत की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, पाकिस्तान की नहीं।

वहीं, कुरनूल में भाजपा प्रवक्ता विनूषा ने कहा कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने बयान से पार्टी का असली चेहरा उजागर कर दिया है। मणिशंकर अय्यर आखिर चाहते क्या हैं? उन्होंने मुंबई में हुए 26/11 के भयानक आतंकी हमले की याद दिलाई, जिसमें सैकड़ों भारतीयों की जान गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस हमले के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पाकिस्तान के नेताओं के साथ क्रिकेट मैच देखने गई थीं। क्या अय्यर चाहते हैं कि आज की सरकार भी वैसा ही करे, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।