श्रीनगर, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा पुलिस और 13 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) ने अरागम में एक संयुक्त एंटी-फिदायीन (आत्मघाती हमले के खिलाफ) मॉक ड्रिल आयोजित की, जिसका मकसद आतंकवादी हमले की स्थिति में अपनी ऑपरेशनल तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का आकलन करना था।
इस अभ्यास में अरागम पुलिस स्टेशन, सेना की 13 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और अन्य एजेंसियों के जवानों ने हिस्सा लिया। उन्होंने एक काल्पनिक आपातकालीन स्थिति में मिलकर काम करने और त्वरित प्रतिक्रिया देने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक आतंकवादी को निर्माणाधीन इमारत में खोज निकाला गया और तय ड्रिल के अनुसार उसे बेअसर कर दिया गया। इसके बाद संयुक्त टीमों ने पूरे इलाके की गहन तलाशी ली ताकि किसी भी संदिग्ध विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके।
इस मॉक ड्रिल में मेडिकल रिस्पॉन्स और घायलों के प्रबंधन की व्यवस्थाओं को भी परखा गया, जिसमें एम्बुलेंस की तैनाती और काल्पनिक रूप से घायल लोगों को संभालने की प्रक्रिया शामिल थी।
परिसर की पूरी तरह से तलाशी लेने, उसे सुरक्षित घोषित करने और साफ-सफाई के बाद यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसमें शामिल कर्मियों के प्रदर्शन का आकलन करने और सुधार की गुंजाइश वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक विस्तृत ब्रीफिंग और डीब्रीफिंग सत्र भी आयोजित किया गया।
इस अभ्यास ने बांदीपोरा जिला पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों की उस प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया, जिसके तहत वे अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को बनाए रखने, एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित व प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तत्पर हैं।

