श्रीनगर, 24 जून (आईएएनएस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) योजना, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से केंद्र शासित प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी।
यह नई योजना पूर्व में चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह लेगी और ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सृजन में बड़े सुधार के रूप में देखी जा रही है। यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप तैयार की गई है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिनों का मजदूरी रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा, जो पहले 100 दिन था। मांग किए जाने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या पखवाड़े के भीतर करने का प्रावधान है और देरी होने पर मुआवजा भी दिया जाएगा।
कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में बुआई और कटाई के पीक सीजन के दौरान 60 दिनों का अनिवार्य ब्रेक भी रखा गया है, ताकि कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रम उपलब्ध रहे।
यह योजना चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगी (जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संवर्धन और जलवायु एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता)। इसके तहत विकास कार्यों की योजना ‘विकसित ग्राम पंचायत प्लान’ के माध्यम से जीआईएस तकनीक और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के आधार पर बनाई जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समन्वय सुनिश्चित हो सके।
कमजोर वर्गों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें अकेली महिलाएं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह, बंधुआ मजदूरी से मुक्त लोग और ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इनके लिए अलग ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही योजना में कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी।
सरकार का दावा है कि बढ़ी हुई रोजगार गारंटी, कृषि-अनुकूल डिजाइन, तकनीक आधारित प्रशासन और मजबूत ग्रामीण ढांचे के जरिए यह योजना ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी और समावेशी व सतत विकास को बढ़ावा देगी।

