श्रीनगर, 9 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 10 से 12 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की आशंका जताई है। इस दौरान कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी हो सकता है।
आईएमडी श्रीनगर केंद्र के मौसम विज्ञानी बरहम पाल ने बताया कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मौसम अपेक्षाकृत बेहतर बना हुआ है। आने वाले एक-दो दिनों में दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र के साथ जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर और मध्य कश्मीर में भी हल्की बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग की नजर 10 अगस्त के बाद बनने वाले एक नए सिस्टम पर है। इसके प्रभाव से 10 से 12 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दक्षिण कश्मीर, पीर पंजाल क्षेत्र और जम्मू संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने कुछ जिलों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कठुआ, रामबन और पीर पंजाल क्षेत्र के अलावा दक्षिण कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग और पुलवामा जैसे इलाकों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में निचले इलाकों में अचानक पानी बढ़ने और फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
बारिश का असर सड़क और यातायात व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग और पीर पंजाल क्षेत्र में भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क पर मलबा आने की आशंका बनी हुई है। इससे यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिक ने यात्रियों और आम लोगों को सलाह दी है कि 10 से 12 अगस्त के बीच पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने से पहले ट्रैफिक विभाग से स्थिति की जानकारी जरूर लें। बिना जरूरी जानकारी के संवेदनशील रास्तों पर निकलने से बचना बेहतर होगा।
हालांकि, मौसम विभाग ने फिलहाल पूरे जम्मू-कश्मीर में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है। ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का ही अनुमान है, लेकिन कुछ संवेदनशील स्थानों पर तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी स्थानीय घटनाएं हो सकती हैं।

