Friday, July 31, 2026
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जनता के लिए नहीं, प्रचार के लिए है केंद्रीय बजट: कांग्रेस सांसद तारिक अनवर

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि यह बजट मायूस करने वाला है। यह बजट यह नहीं बताता कि देश की अर्थव्यवस्था कैसे सुधरेगी, गरीबी कैसे दूर होगी और बेरोजगारी कैसे कम होगी।

आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि हर सेक्टर में रोशनी होनी चाहिए, एक स्पष्ट विचार होना चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं दिखता। कोई भी देश का बजट आने वाले समय का रोडमैप होता है, जिसमें यह बताया जाता है कि देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा, लेकिन हमें लगता है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सिर्फ सरकार की तारीफ करने में लग गई हैं।

उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही, जिससे देश को विश्वास हो सके कि आने वाले समय में देश मजबूती के साथ खड़ा होगा। मोदी सरकार का बजट जनता के लिए नहीं, प्रचार के लिए है। महंगाई, बेरोजगारी, असमानता और किसानों की बदहाली पर कोई ठोस योजना नहीं है। यह बजट नहीं, बल्कि सत्ता की असफलता का प्रमाण है।

कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि एनालिस्ट इसे एक सुस्त बजट कह रहे हैं। इसमें कहीं भी कोई एनर्जी नहीं दिख रही है। जो हो रहा था, वही होता रहेगा। यह उस तरह का बजट है। जिन चीजों पर पहले से चर्चा हो रही थी, जैसे पशुपालन को बढ़ावा देना और कैश क्रॉप्स को कुछ बढ़ावा देना—ये वही चीजें हैं जो दशकों से चल रही हैं और उन्हें बस फिर से मेंशन किया गया है। देश की 150 करोड़ आबादी में से कितने लोग इससे प्रभावित होंगे। मिडिल क्लास बढ़ती महंगाई के बीच टैक्स स्लैब में कुछ राहत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन इस बजट में ऐसा कुछ नहीं दिखा, क्योंकि चुनाव नहीं थे। दिल्ली चुनावों के दौरान आपने तब टैक्स स्लैब की घोषणा की थी और आप जीत गए।

कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि ग्रामीण बेरोजगारों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। मनरेगा की जगह वीबी-जी राम जी योजना के तहत साल में 125 दिनों के काम का वादा किया गया है। बजट 2026 में केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 95,692.31 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। मनरेगा में औसतन 50 दिन रोजगार मिले जबकि साल में 100 मिलना चाहिए था। अगर सरकार की 125 दिन रोजगार देने की मनसा होती तो करीब दो लाख करोड़ का आवंटन होना चाहिए था।