Wednesday, August 5, 2026
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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से, छात्र आंदोलन का मुद्दा गूंजेगा, सर्वदलीय बैठक में वार्ता की मांग

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रांची, 5 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा का छह दिवसीय मानसून सत्र गुरुवार से शुरू होगा। सत्र से पहले बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में सत्र के सुचारू संचालन को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक के दौरान रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विभिन्न दलों के नेताओं ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों से शीघ्र बातचीत कर समाधान निकालने की पहल करने की मांग की।

माना जा रहा है कि जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा मानसून सत्र में प्रमुखता से गूंजेगा। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो, आजसू विधायक निर्मल महतो, लोजपा विधायक सुरेश पासवान और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में सदन की कार्यवाही लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालित करने पर सहमति बनी। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने बैठक में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार बिना विलंब आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करे।

उन्होंने नियुक्ति घोटाले पर सदन में कम से कम दो घंटे की विशेष चर्चा कराने और राज्य में सूखे की स्थिति पर भी विस्तृत बहस की मांग की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक के बाद कहा कि विधानसभा जनता की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सर्वोच्च मंच है। सरकार जनहित के हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा, जवाबदेही और सकारात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल झारखंड के हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन की कार्यवाही को सफल बनाएंगे। छह अगस्त से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में कुल पांच कार्य दिवस होंगे। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।

सरकार सात अगस्त को अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखेगी। सत्र के दौरान छात्रों का आंदोलन, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियां, कानून-व्यवस्था, सूखे की स्थिति और अन्य जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।