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जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले पर भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन, राहुल गांधी से पूछा- कब तोड़ेंगे चुप्पी?

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। जेएनयू में यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेता तुहिन सिन्हा ने इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया को लेकर राहुल गांधी से सवाल किया और पूछा कि वे अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे।

भाजपा नेता तुहिन सिन्हा ने कहा कि मणिपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम का नाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले में सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि छात्राओं की शिकायतों के बाद संबंधित मामले में कार्रवाई की गई और सांसद को विश्वविद्यालय से बर्खास्त किया गया।

तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सार्वजनिक रूप से निंदा या कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। राहुल गांधी से पूछा कि आखिर कब तक इस मुद्दे पर चुप्पी बनी रहेगी।

भाजपा नेता ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सांसद के खिलाफ लगे आरोपों के मामले में पार्टी स्पष्ट जवाब दे और उचित कार्रवाई करे। कांग्रेस सांसद को पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी की।

बिहार भाजपा चीफ संजय सरावगी ने कहा कि जेएनयू में छात्राओं से अंकों के बदले यौन शोषण के प्रयास के गंभीर आरोपों के बीच कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल एकोइजम को प्रोफेसर पद से बर्खास्त किए जाने का मामला सवाल खड़े करता है। हर मुद्दे पर महिला अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब मौन क्यों हैं? राहुल गांधी, महिला सम्मान सिर्फ दूसरों को नसीहत देने के लिए है या अपनी पार्टी पर भी लागू होता है?

राजस्थान में महिला मोर्चा ने जयपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर जेएनयू की छात्राओं के उत्पीड़न के आरोपों के विरोध में अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा छात्राओं के सम्मान एवं न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। हरियाणा में भी विरोध जताया गया और महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही मांगी।

इसी बीच, सोशल मीडिया पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके से जुड़ी खबरों पर दिल्ली पुलिस ने जानकारी साझा की।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई जगह यह दावा किया जा रहा है कि अभिजीत दिपके हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें अपनी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई है। इस बारे में यह साफ किया जाता है कि अभिजीत की दादी के निधन की जानकारी उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ तुरंत दे दी गई थी। उन्हें अंतिम संस्कार के समय के बारे में भी बताया गया और मानवीय आधार पर उनके गृहनगर जाने के लिए हरसंभव मदद की पेशकश की गई।