कर्नाटक में अपहरण और 3 लाख रुपए की लूट के मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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बेंगलुरु, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक में अपहरण और तीन लाख रुपए की लूट मामले में दावणगेरे के मैना कर्टोरिम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला 01/04/2026 को बोरडा, फतोरडा-गोवा के निवासी अशोक कुमार (56 वर्ष) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। मैना कर्टोरिम पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 3(5) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 205, 140(3), 351(3), 308(5), 309(4) के तहत अपराध संख्या 21/2026 के रूप में एक मामला दर्ज किया था।

शिकायतकर्ता ने बताया था कि शुक्रवार को लगभग दोपहर करीब 2.30 बजे, जब वह मकाजाना, सालसेटे-गोवा में केनरा बैंक के बाहर थे, तो आरोपी व्यक्तियों, नीलेश जाधव, बलराम शेट्टी, अजीत और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने, अपने साझा इरादे को पूरा करने के लिए उनका अपहरण कर लिया।

आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जबरन उनकी कार में बिठाकर कर्नाटक के कारवार में एक सुनसान जगह पर ले जाकर जान से मारने समेत गंभीर परिणामों की धमकी दी और उनसे पैसे ऐंठे। आरोपियों ने उनके पास से 3,00,000 रुपए की लूट भी की थी।

जांच के दौरान, एक आरोपी, अजीत कुमार कट्टिमानी (34 वर्ष), को पहले गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

24/04/2026 को, लगातार तकनीकी निगरानी के माध्यम से, मुख्य आरोपी नीलेश पुत्र भीमराव जाधव (53 वर्ष), निवासी बी-8, सिद्धांत अपार्टमेंट, माधव नगर, अकोला (महाराष्ट्र) का पता कर्नाटक के दावणगेरे में लगाया गया। अपराध करते समय आरोपी ने एक ‘ईडी’ अधिकारी होने का नाटक किया था।

इसके बाद मैना कर्टोरिम पुलिस स्टेशन की एक पुलिस टीम बनाई गई, जिसमें पीएसआई प्रफुल पी. गिरी, एचसी-5725 गोरखनाथ गवास, पीसी-6022 समीर सुधीर और पीसी-7409 चेतन कोली शामिल थे, और उन्हें दावणगेरे भेजा गया। आरोपी को बेंगलुरु की ओर जाने की कोशिश करते समय सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया और उसे गोवा लाया गया।

आरोपी नीलेश जाधव को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया और जेएमएफसी कोर्ट, मडगांव के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे छह (6) दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

आगे की जांच मैना कर्टोरिम पुलिस स्टेशन में पीएसआई प्रफुल पी. गिरी की अगुवाई में की जा रही है। इस जांच पर पीआई कपिल नायक और एसडीपीओ सिद्धांत यू. शिरडोकर नजर रख रहे हैं, जबकि पूरे मामले की देखरेख दक्षिण गोवा के एसपी संतोष एस. देसाई कर रहे हैं।