हैदराबाद, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता प्रकाश रेड्डी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन और अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के आयोजकों की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर इसे रद्द कर देना चाहिए था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को आपातकाल (इमरजेंसी) के इतिहास को समझने के लिए वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करने की सलाह भी दी।
भाजपा नेता प्रकाश रेड्डी ने सामाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पहले हुए विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने भी इसकी अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में आयोजकों को विरोध प्रदर्शन रद्द कर देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों को भारतीय संविधान और व्यवस्था पर थोड़ा भी भरोसा होता, तो वे विरोध प्रदर्शन वापस ले लेते। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन करना उचित नहीं था। अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि केजरीवाल इमरजेंसी के दौरान नेता नहीं थे। संभव है कि आज की पीढ़ी को भी उस दौर की घटनाओं की पूरी जानकारी न हो।
प्रकाश रेड्डी ने केजरीवाल को सलाह दी कि वे वरिष्ठ नेताओं से मिलकर पूछें कि इमरजेंसी के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस पार्टी ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया था। साथ ही, उन्होंने केजरीवाल के कांग्रेस के समर्थन से वर्ष 2013 में दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने का जिक्र करते हुए उनके राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए।
सीजेपी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में वामपंथी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर भी प्रकाश रेड्डी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय हिरासत में लिया गया था।
उन्होंने सीजेपी को सोशल मीडिया तक सीमित राजनीतिक दल बताते हुए उसकी सदस्यता और राजनीतिक पहचान पर सवाल उठाए। उन्होंने सीपीआई (एम), सीपीआई और आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा आंदोलन को समर्थन देने पर भी असहमति जताई।
प्रकाश रेड्डी ने आरोप लगाया कि इन दलों की विचारधारा समान है और वे मिलकर भारतीय लोकतंत्र, देश की अखंडता तथा राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पिनाराई विजयन को हिरासत में लिया।
