केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘कॉफीज ऑफ नागालैंड’ मिशन का शुभारंभ किया

0
7

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सोमवार को नागालैंड के लिए क्लस्टर-आधारित ‘कॉफी मूल्य श्रृंखला विकास मिशन’ का शुभारंभ किया। इस समारोह में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, नागालैंड सरकार के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, नागालैंड सरकार के उपमुख्यमंत्री टीआर जेलियांग, नागालैंड सरकार के विधायक और सलाहकार (भूमि संसाधन) जी. इकुतो झिमोमी, और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू भी उपस्थित थे।

175 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ, ‘कॉफीज ऑफ नागालैंड’ मिशन को ‘संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण’ के माध्यम से तैयार किया गया है। इसकी योजना सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसमें शामिल उपाय जमीनी वास्तविकताओं और कॉफी उत्पादक समुदायों की आकांक्षाओं के अनुसार हों।

यह मिशन, क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण के अनुसार तैयार किया गया है, जिसके तहत दो प्रायोगिक कॉफी क्लस्टरों की पहचान की गई है: कोहिमा जिले के तुओफेमा गांव को ‘अरेबिका’ कॉफी के लिए और न्यूलैंड जिले के घोटोवी गांव को ‘रोबस्टा’ कॉफी के लिए। इस पहल का उद्देश्य कॉफी मूल्य श्रृंखला में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करना है, जिसके लिए इसमें वृक्षारोपण विकास, कटाई के बाद का प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रैसेबिलिटी (उत्पत्ति का पता लगाना), निर्यात, पर्यटन और क्षमता निर्माण को एकीकृत करके कॉफी मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करना है।

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल पर जोर दिया कि किसान पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में वास्तविक हितधारक बनें। इस सहयोगात्मक पहल पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यह केवल ‘संपूर्ण सरकार’ का दृष्टिकोण ही नहीं, बल्कि वास्तव में ‘संपूर्ण भारत’ का दृष्टिकोण है, जो सरकारों, मंत्रालयों, कॉफी उत्पादकों, उद्यमियों, प्रसंस्करण कर्ताओं, ब्रांडिंग विशेषज्ञों, निर्यातकों और बाजार के अग्रणियों को एक मंच पर लाता है।

मंत्री ने बताया कि ‘कॉफीज ऑफ नागालैंड’ मिशन को एक पूर्ण-मूल्य-श्रृंखला विकास पहल के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागालैंड को कच्चे कॉफी उत्पादक क्षेत्र से बदलकर एक प्रीमियम, उत्पत्ति का पता लगाने योग्य और एकल-मूल कॉफी अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसकी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में मजबूत पहचान बन सके।

उन्होंने आगे बताया कि इस पहल का उद्देश्य ‘ब्रांड नॉर्थ ईस्ट’ के तहत ‘नागालैंड की कॉफी’ को बढ़ावा देना है। इसके लिए मीडिया अभियानों, व्यापार मेलों में भागीदारी और कॉफी पर्यटन से जुड़े अनुभवों को बढ़ावा देने वाली पहलों का सहारा लिया जाएगा। इस मिशन का लक्ष्य पायलट क्लस्टरों में ‘कॉफी बागानों में ठहरने की व्यवस्था’ और ‘खेत से कॉफी के कप तक’ पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देना भी है, ताकि पर्यटकों के सामने नागालैंड को विशेष प्रकार की कॉफी के लिए एक खास और अनोखे उत्पादन स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके।

मंत्री ने कहा कि इस पहल की असली सफलता तब दिखेगी, जब ‘नागालैंड की कॉफी’ को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों ही बाजारों में खास जगह मिलेगी; साथ ही, इससे राज्य भर में कॉफी उत्पादकों के समुदायों के लिए ज्यादा और संवहनीय आय भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने किसानों और संबंधित पक्षों को भरोसा दिलाया कि सरकार नागालैंड के लिए एक विश्व-स्तरीय और प्रतिस्पर्धी ‘स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम’ तैयार करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।