कोलकाता, 17 मई (आईएएनएस)। कोलकाता के पार्क सर्कस के तिलजला इलाके में रविवार को बुलडोजर के जरिए अवैध निर्माणों को गिराए जाने के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भड़क उठा। पार्क सर्कस में एक भीड़ जमा हुई और प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर ईंटें फेंकीं और पुलिस के कई वाहनों में तोड़फोड़ की। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि सड़क पर चल रही बसों को भी नुकसान पहुंचा।
पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आशेष बिस्वास ने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कोलकाता पुलिसकर्मियों के साथ-साथ मौके पर केंद्रीय बलों को भी तैनात किया गया था। सूत्रों के अनुसार, बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन ने अब तक कुल 30 लोगों को हिरासत में लिया है।
एक बस ड्राइवर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में दावा किया कि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) की महिला कर्मी उसकी बस में सफर कर रही थीं और जैसे ही फोर्स पार्क सर्कस क्रॉसिंग के पास उतरी, बस पर हमला हो गया। ड्राइवर ने आरोप लगाया कि पत्थरबाजी में बस का विंडशील्ड टूट गया और इस घटना में उसे भी चोट लगी। ड्राइवर ने आगे कहा कि मौके पर 1,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, तिलजला इलाके में अवैध निर्माणों को गिराने के लिए बुलडोजर के इस्तेमाल का विरोध करने के लिए स्थानीय निवासी पार्क सर्कस में जमा हुए थे। पुलिस ने कहा कि इस भीड़ ने पहले से अनुमति नहीं ली थी। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ, कथित तौर पर कई बाहरी लोग भी विरोध स्थल पर मौजूद थे। पुलिस ने जब सड़क खाली कराने और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो तनाव बढ़ गया। इसके तुरंत बाद, कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर ईंटें फेंकी गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

