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क्या आप भी अनजाने में लेड के संपर्क में आ रहे हैं? आपके आसपास छिपा हो सकता है खतरा

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नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। हम अपने घर और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की सावधानियां बरतते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके आसपास मौजूद रोजमर्रा की चीजों में भी जहरीला पदार्थ छिपा हो सकता है? दीवारों पर लगा पेंट, खिलौने, कॉस्मेटिक्स, गहने और यहां तक कि कुछ बर्तन भी लेड के संपर्क में आने की वजह बन सकते हैं। यह एक ऐसा जहरीला पदार्थ है, जो शरीर में पहुंचकर सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी लेड के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जताई है।

लेड यानी सीसा एक जहरीली धातु है, जिसका इस्तेमाल पहले कई तरह के उत्पादों में किया जाता था। आज भी कुछ जगहों पर इसके संपर्क में आने का खतरा बना हुआ है। पुराने या खराब हो रहे पेंट से निकलने वाली धूल, दूषित मिट्टी और पानी, कुछ सिरेमिक बर्तन, नकली या असुरक्षित गहने, कॉस्मेटिक्स और खिलौने इसके संभावित स्रोत हो सकते हैं। कुछ मसालों और पारंपरिक दवाओं में भी मिलावट या संदूषण के कारण लेड पाया जा सकता है। डब्ल्यूएचओ की मानें तो इससे दुनिया भर में हर साल 3.5 मिलियन से ज़्यादा मौतें होती हैं

लेड का असर हर उम्र के व्यक्ति की सेहत पर पड़ सकता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है। बच्चों का दिमाग और नर्वस सिस्टम अभी विकसित हो रहे होते हैं। ऐसे में लेड के संपर्क में आने से उनके मानसिक विकास, सीखने की क्षमता और व्यवहार पर बुरा असर पड़ सकता है। कम मात्रा में संपर्क भी लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है।

बच्चे अक्सर जमीन पर खेलते हैं, चीजों को हाथ लगाते हैं और फिर उन्हीं हाथों को मुंह में डाल लेते हैं। अगर उनके आसपास लेड से दूषित धूल या मिट्टी मौजूद है, तो यह उनके शरीर में पहुंच सकती है। गर्भावस्था के दौरान भी लेड का संपर्क मां और गर्भस्थ शिशु के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

लेड का खतरा केवल बच्चों तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से वयस्कों में किडनी और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। चिंता की बात यह है कि लेड के संपर्क में आने पर हमेशा तुरंत लक्षण दिखाई नहीं देते। कई बार नुकसान होने के बाद ही इसकी पहचान हो पाती है।

डब्ल्यूएचओ ने इंटरनेशनल लीड पॉइजनिंग प्रिवेंशन वीक 2026 की थीम ‘पहचान से बचाव की ओर’ रखी है। इसका मकसद लेड के स्रोतों को पहचानने के साथ-साथ उन्हें खत्म करने पर जोर देना है।

अपने घर में धूल को नियमित रूप से साफ करें और सफाई के लिए गीले कपड़े या पोछे का इस्तेमाल करें। पुराने पेंट को खुद खुरचने से बचें, क्योंकि इससे जहरीली धूल फैल सकती है। बच्चों को टूटे-फूटे या बिना सुरक्षा मानकों वाले खिलौनों से दूर रखें। पीने के पानी के दूषित होने की आशंका हो, तो उसकी जांच करवाएं। कॉस्मेटिक्स, बर्तनों और अन्य उत्पादों को खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें।