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लव-कुश समाज की एकता से बिहार के समृद्धि का रास्ता खुलेगा: सीएम सम्राट चौधरी

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पटना, 20 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया और बिहार की गौरवशाली विरासत, शिक्षा, संस्कृति तथा विकास को लेकर अपने विचार साझा किए।

सीएम सम्राट चौधरी ने लव-कुश समाज के सामाजिक और राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि 1992, 1993 और 1994 में पहले कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन हुए तथा बाद में दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन किया। उन्होंने इसकी शुरुआत करने वाले नेताओं को बधाई देते हुए कहा कि 1994 के बाद इसका राजनीतिक स्वरूप विकसित हुआ और समता पार्टी तथा जनता दल (यूनाइटेड) के माध्यम से यह आगे बढ़ता रहा।

उन्होंने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार की कल्पना को साकार करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का संकल्प लिया है, वहीं नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की कल्पना की है। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय के साथ आगे बढ़ते हुए बिहार की समृद्धि का रास्ता खोलना चाहता है।

सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार के ऐतिहासिक गौरव का उल्लेख करते हुए चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक और नालंदा की विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने देश और दुनिया को गौरवशाली इतिहास दिया है। उन्होंने दावा किया कि नालंदा के प्राचीन क्षेत्र में अभी भी बड़े हिस्से की खुदाई बाकी है और यह विरासत बिहार की प्राचीन सभ्यता एवं ज्ञान परंपरा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने बिहार की अर्थव्यवस्था में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड के अलग होने के बाद राज्य के सामने बड़ी आर्थिक चुनौती थी, लेकिन 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में व्यापक बदलाव आया। उन्होंने कहा कि आज बिहार का बजट झारखंड के बजट से लगभग दोगुना है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं और 700 मॉडल स्कूल बनाए गए हैं।

उन्होंने ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। उनके अनुसार, रात में पढ़ने वाले बच्चों को भी इस व्यवस्था के माध्यम से शिक्षक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के विकास की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही, वाल्मीकिनगर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने एकता का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन जब वे मुट्ठी बनती हैं तो एकता की ताकत का प्रतीक बन जाती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के गौरवशाली इतिहास, समृद्धि और विकास के लिए सरकार सबको साथ लेकर आगे बढ़ेगी।