लखनऊ, 23 जून (आईएएनएस)। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है और मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इमारत के मालिक समेत चार नामजद तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 110, 125 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) भी सक्रिय हो गया है। कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ केडीए ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर के चार जोनों में 22 प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से पांच प्रतिष्ठानों को केडीए अधिकारियों ने सील कर दिया है। केडीए की ओर से देर रात तक अभियान चलाया गया।
बीते दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। घटना के कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने अग्निकांड में घायल लोगों से मुलाकात की।
घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया था कि हादसे में 14 बच्चों की मृत्यु हुई है और चार घायल बच्चों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने कहा था कि अलीगंज अग्निकांड में घायल लोगों को बचाने के लिए चिकित्सकों की पूरी टीम जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनका पंचनामा और पोस्टमार्टम कराना आवश्यक प्रक्रिया है, जिसे शुरू कर दिया गया है।

