Wednesday, June 3, 2026
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मध्य प्रदेश : कूनो में जन्मी मादा चीता केजीपी 11 मुरैना में घायल मिली, पालपुर केंद्र में इलाज जारी

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भोपाल, 3 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से जुड़ी महत्वाकांक्षी चीता पुनर्स्थापन परियोजना के बीच एक युवा मादा चीता के घायल मिलने की खबर सामने आई है। भारत में जन्मी 27 माह की मादा चीता केजीपी11 को 1 जून 2026 को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र के पास घायल अवस्था में पाया गया।

सूचना मिलते ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन और वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई तथा घायल चीता को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, नियमित ट्रैकिंग और निगरानी के दौरान टीम को केजीपी11 की गतिविधियों में असामान्यता दिखाई दी। इसके बाद ट्रैकिंग दल ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही कूनो की पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची और चीता का स्वास्थ्य परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए पालपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र ले जाया गया।

फिलहाल केजीपी11 को क्वारंटाइन बोमा में निगरानी के तहत रखा गया है, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है और वह उपचार पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रही है। संक्रमण या किसी अन्य जोखिम से बचाने के लिए उसे अन्य चीतों से अलग रखा गया है।

केजीपी11 उन चीतों में शामिल है, जिनका जन्म भारत में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हुआ था। मार्च 2025 में उसे खुले जंगल में छोड़ा गया था, ताकि वह प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से रह सके और शिकार करने की क्षमता विकसित कर सके। चीता पुनर्स्थापन परियोजना के तहत कूनो में जन्मे शावकों को चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ा जा रहा है, जिससे देश में चीता आबादी को स्थायी रूप से स्थापित किया जा सके।

मादा चीता के घायल मिलने की इस घटना ने वन विभाग और संरक्षण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि चोट लगने के कारणों की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। रेडियो कॉलर और ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से चीता की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस बीच कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पार्क में मौजूद अन्य सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी नियमित निगरानी जारी है।