महाराष्ट्रः सपा विधायक रईस शेख ने एमवीए नेताओं को लिखा पत्र, एसआईआर के लिए टास्क फोर्स गठित करने की अपील

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मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक रईस शेख ने महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं को पत्र लिखकर महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं की सुरक्षा के लिए राज्यस्तरीय कार्यबल (टास्क फोर्स) गठित करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही सतर्क और एकजुट रहने की अपील की है।

पत्र में लिखा है, चुनाव आयोग ने हाल ही में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के तीसरे चरण की घोषणा की है। बीएलओ 30 जून से 29 जुलाई के बीच मतदाताओं के घर जाएंगे। इसलिए हमें मतदाताओं को तकनीकी पहलुओं जैसे बूथ अधिकारियों (बीएलओ) को कौन से दस्तावेज उपलब्ध कराने हैं, नए मतदाताओं के लिए आवेदन प्रक्रिया और आपत्ति दर्ज कराने की विधि के बारे में जानकारी देनी होगी।

इंडिया अलायंस की पार्टियां वर्तमान में एसआईआर के संबंध में पार्टी स्तर पर शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। हमारे बीएलए को प्रशिक्षित करने के लिए एक इंडिया अलायंस को टास्क फोर्स की आवश्यकता है। यह टास्क फोर्स राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और केंद्रीय चुनाव आयोग के साथ समन्वय भी करेगी।

रईस शेख ने कहा, बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के कारण 68 लाख और पश्चिम बंगाल में 91 लाख मतदाता मतदान से वंचित रह गए। इस प्रक्रिया से आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के मतदाता प्रभावित हो रहे हैं। राज्य में एसआईआर का मानचित्रण पूरा हो चुका है, लेकिन इसका काम केवल 66 फीसदी ही पूरा हुआ है।

हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को 40.80 फीसदी और भाजपा को 45.84 फीसदी वोट मिले। एसआईआर में जिन 147 निर्वाचन क्षेत्रों से 25 हजार तक नाम हटा दिए गए थे, उनमें भाजपा ने 95 सीटें और तृणमूल ने 51 सीटें जीतीं। इस मामूली अंतर के कारण भाजपा को 207 सीटें, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटें मिलीं। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने केवल एसआईआर के माध्यम से जीत हासिल की।

सपा नेता ने कहा, महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी गठबंधन को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। अन्यथा, हम सत्ताधारी दल द्वारा की जा रही वोट चोरी को रोक नहीं पाएंगे। इसके लिए गठबंधन की एक राज्य स्तरीय ‘एसआईआर टास्क फोर्स’ का गठन किया जाना चाहिए। मैं अनुरोध करता हूं कि इसमें गठबंधन के सभी घटक दलों के प्रतिनिधि शामिल हों।