Monday, August 10, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय महिला आरक्षण बिल का संगीत क्षेत्र के दिग्गजों ने किया समर्थन, बताया,...

महिला आरक्षण बिल का संगीत क्षेत्र के दिग्गजों ने किया समर्थन, बताया, ‘सराहनीय कदम’

0
30

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। संगीत की दुनिया को बेहतर बनाने और नए आयाम स्थापित करने के लिए मशहूर गीतकार समीर अंजान ने नए म्यूजिक प्लेटफॉर्म ‘औमोरा’ को लॉन्च किया है। प्लेटफॉर्म लॉन्च पर संगीत जगत के मशहूर सिंगर्स को देखा गया, जहां संगीत को नए आयाम देने के साथ-साथ महिला आरक्षण बिल को लेकर भी चर्चा हुई।

प्रसिद्ध गीतकार समीर अंजान ने कहा, “सरकार का यह कदम सराहनीय है और महिलाएं हर क्षेत्र में, चाहे सोशल मीडिया से लेकर सरकारी विभागों हों, बहुत अच्छा कर रही हैं, और मुझे उम्मीद है कि राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ने से सकारात्मक बदलाव आएगा और देश की तरक्की भी तेजी से होगी।”

भजन सम्राट अनूप जलोटा ने महिला आरक्षण बिल पर अपनी राय रखी और महिलाओं की भागीदारी 33 फीसदी से ज्यादा बढ़ाने की बात की।

उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी 33 फीसदी से ज्यादा होनी चाहिए क्योंकि देश में समझदार और लीडरशिप की क्वालिटी से भरी महिलाओं की कमी नहीं है और आज के समय में लगभग हर विभाग में महिलाएं हैं। विश्व भर में जहां बड़े पदों पर पुरुष हैं, वहीं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कई महिलाएं चल रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार के इस फैसले का भी स्वागत है। मैं उस हर महिला का भी स्वागत करता हूं, जो देश के लिए काम करना चाहती हैं और राजनीति में आकर देश के विकास में भागीदारी निभाना चाहती हैं।”

प्लेबैक सिंगर कुणाल गांजावाला ने अपनी राय रखते हुए कहा, “यह हमारे देश के लिए और हर महिला के लिए खुशी की बात है। सालों से एक मां के रूप में, पत्नी, बेटी, सास या बहन के रूप में महिलाओं ने घर को बनाया है। वे होममेकर रही हैं, लेकिन कहीं न कहीं एक दुख देने वाली बात भी है क्योंकि हमारे समाज में इसे सम्मान की नजरों से नहीं देखा जाता है, लेकिन आज टाइम बदल रहा है और लोग अपने रिश्ते में पार्टनर की इज्जत करने लगे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में हमेशा से महिलाओं को सर्वोपरि माना गया है। अगर महिलाओं का अनादर होगा, तो देश का पतन निश्चित है। इस बिल के बाद देश के विकास की रफ्तार में भी बदलाव आएगा, जो महिला घर चला सकती है, वो देश भी चला सकती है।