Tuesday, August 11, 2026
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मायावती की जेन जी को नसीहत, बोली सत्ता-विपक्ष के कथित षड्यंत्र से रहें दूर, अपने मुद्दों पर खुद लड़ें युवा

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लखनऊ, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को देश में चल रहे छात्र-युवा आंदोलनों और जेन जी की समस्याओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन जरूर करें, लेकिन राजनीतिक दलों के हाथों का मोहरा न बनें।

मायावती ने आरोप लगाया कि सत्ता और विपक्ष दोनों छात्र-युवाओं की समस्याओं की आड़ में अपने राजनीतिक स्वार्थ साधने में लगे हैं। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा कि पिछले कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष, खासकर भाजपा, कांग्रेस और उनके सहयोगी दल किसी न किसी मुद्दे पर संसद में हंगामा कर रहे हैं। इससे जनहित के जरूरी मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र और राज्यों में अपनी सरकारों की कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इन दलों के बीच किसी तरह का अंदरूनी समझौता भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश का युवा और खासकर जेनजी आज पढ़ाई, रोजगार, भर्ती, पेपर लीक और भविष्य को लेकर परेशान है। ऐसे में राजनीतिक दलों को युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनके आंदोलनों को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर हुए छात्र-युवा आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने आंदोलन को अपने राजनीतिक हित में इस्तेमाल करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की वास्तविक समस्याएं गंभीर हैं और बसपा हमेशा उनके साथ खड़ी रही है। छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज जरूर उठाएं, लेकिन उन्हें किसी भी राजनीतिक दल के हाथों का मोहरा नहीं बनना चाहिए।

उनके मुताबिक, आंदोलन का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, न कि किसी दल को राजनीतिक लाभ पहुंचाना। बसपा प्रमुख ने झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्र-युवा आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कांग्रेस और उसके सहयोगी दल छात्रों की समस्याओं पर खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, जबकि भाजपा और उसके समर्थक दल आंदोलन के समर्थन में आगे आ रहे हैं।

मायावती ने कहा कि दिल्ली और रांची दोनों जगह छात्र-युवा आंदोलनों में उनकी समस्याओं के समाधान से ज्यादा राजनीतिक स्वार्थ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों को युवाओं की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ लगातार सीमित होता जा रहा है और इसे निष्प्रभावी करने की कोशिशें हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर कर निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि बड़े पूंजीपति लगातार मजबूत हो रहे हैं, जबकि गरीब, बेरोजगार और वंचित वर्ग पीछे छूटते जा रहे हैं। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी निजी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरह सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था है, उसी तरह निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू होना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा की चार सरकारों के दौरान सर्वसमाज के सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया। मायावती ने कहा कि उनकी सरकारों में छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के साथ युवाओं की ‘रोटी-रोजी’ का भी विशेष ध्यान रखा गया।

मायावती ने आगामी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए सर्वसमाज से बसपा को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े, मुस्लिम, किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, छात्र, युवा और अन्य मेहनतकश वर्गों के हितों की रक्षा के लिए बसपा को सत्ता में लाना जरूरी है।