मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मीरा रोड चाकू हमला मामले में जांच कर रही एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) को बड़ी जानकारी हाथ लगी है। जांच के दौरान आरोपी जैब जुबेर अंसारी के घर से एक हस्तलिखित पत्र बरामद हुआ है, जिसमें उसने कट्टरपंथी विचारों और आतंकी संगठन आईएसआईएस के प्रति निष्ठा जताने की बात लिखी है।
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, मीरा रोड के नया नगर इलाके में दो सिक्योरिटी गार्ड पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने अपने खिलाफ सबूत मिटाने की कोशिश की थी। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने अपना एक मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया था, ताकि जांच एजेंसियों के हाथ कोई अहम जानकारी न लग सके। अधिकारियों ने बताया कि उसने अपना दूसरा फोन कहीं फेंक दिया है, जिसकी तलाश जारी है।
जांच के दौरान उसके घर से मिला हस्तलिखित पत्र बेहद गंभीर और चिंताजनक माना जा रहा है। इस पत्र में आरोपी ने लिखा है कि उसने आईएसआईएस के प्रति ‘बैअत’ यानी निष्ठा ली है। इतना ही नहीं, उसने नोट पर आईएसआईएस का झंडा भी बनाया और कई उग्र बातें लिखीं।
पत्र में उसने लिखा, “लोन वुल्फ तुम पर हमला करेंगे।” इसके साथ ही उसने यह भी लिखा कि अब से बिलाद अल-हिंद में तुम मुश्रिकीन असली जिहाद देखोगे। उसने आगे लिखा कि हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह सभी मुसलमानों को राह दिखाए और युवाओं से कहते हैं कि वे अपने परिवार की चिंता किए बिना इस्लामिक स्टेट से जुड़ें। अल्लाह उन्हें एक दिन राह दिखाएगा। आज वे समझ नहीं रहे हैं।
आरोपी ने पत्र में खुद को और अपने जैसे लोगों को ‘गुरबा’ यानी अलग-थलग और ठुकराए गए लोग बताते हुए लिखा, “आज हम अकेले हैं और सबने हमें ठुकरा दिया है, लेकिन हम गुरबा लोग हैं।” उसने यह भी लिखा कि परिवार, पत्नियां और माता-पिता तुम्हें छोड़ देंगे। अल्लाह उन्हें राह दिखाए।
पत्र के अंत में उसने लिखा, “गाजा केवल खिलाफत से ही आजाद होगा। अल्लाह के बाद खिलाफत ही सुन्नियों की एकमात्र उम्मीद है।” ओटीएस के अनुसार, इस पत्र से आरोपी की मानसिकता और उसके संभावित आतंकी जुड़ाव के संकेत मिलते हैं। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के नेटवर्क व संपर्कों का पता लगाने की कोशिश जारी है।

