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‘मॉक पार्लियामेंट’ पर कांग्रेस नेताओं का बयान, ‘ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने का पूरा अधिकार’

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नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर शुक्रवार को एक नवंबर को प्रस्तावित रैली से पहले ‘मॉक पार्लियामेंट’ रखी गई है। इस पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित करने का हमें पूरा अधिकार है।

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “प्रधानमंत्री ने संसद भवन या उसके आसपास ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित करने की हमारी सभी अर्जियों को खारिज कर दिया। जब उन्होंने हमारी सारी मांगें ठुकरा दीं, तो स्वाभाविक है कि खड़गे जी, जो राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, उनके नेतृत्व में हम ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित कर सकते हैं। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित करने का हमें पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा, “जब तक ज्ञानेश कुमार अहम पदों पर बने रहेंगे, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस ने पहले ही कई कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। हर ब्लॉक स्तर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।”

वहीं, सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह करोड़ों लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। ये लोग चाहते हैं कि लोकतंत्र बहाल हो और उन्हें भरोसा हो कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी संवैधानिक भूमिका का पालन कर रही हैं। जब संवैधानिक संस्थाओं को कुचला जा रहा हो, चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र न रह जाएं, जब अंपायर (चुनाव आयोग) खुद पक्षपाती हो जाए, और जब लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा सभापति हमारे नोटिसों पर कोई ध्यान न दें, तो हमारे पास केवल एक ही विकल्प बचता है, इस तरह का राजनीतिक और सार्वजनिक ‘महाभियोग’ चलाना।”

जॉ ब्रिटास ने कहा, “हमें लगता है कि हालात को भांपते हुए ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने अपनी नैतिक साख पहले ही खो दी है, अदालतों ने भी अप्रत्यक्ष रूप से उन पर सवाल उठाए हैं, और अब उनके पास कोई कानूनी अधिकार भी नहीं बचा है।”

‘मॉक संसद’ और ‘मॉक महाभियोग’ पर जेएमएन नेता मनोज पांडे ने भी ‘इंडिया’ ब्लॉग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “देश की तानासाही सरकार के खिलाफ देश की सड़कों पर उतरने की आवश्यकता है। यह संपूर्ण क्रांति आंदोलन के आंदोलन की जगह ये नजरा लगा।”

सीपीएम सांसद वी. शिवदासन ने कहा, “सीपीएम का रुख एकदम साफ है। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सिर्फ RSS और BJP के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए, उन्हें इतने बड़े संवैधानिक पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। वे और उनकी टीम देश की पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। सीपीएम और वामपंथी दल मिलकर ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम के खिलाफ एक बड़ा अभियान चला रहे हैं।”