मोहाली–चंडीगढ़ में ईडी की बड़ी छापेमारी, सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और कई बिल्डर्स जांच के घेरे में

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चंडीगढ़, 7 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मोहाली और चंडीगढ़ में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक साथ कई जगहों पर बड़ी छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई कुल 12 ठिकानों पर की गई है और इसका संबंध रियल एस्टेट सेक्टर में सामने आए घोटाले से बताया जा रहा है। मामला सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और उससे जुड़े कई बिल्डरों व कंपनियों से जुड़ा है।

जांच के दायरे में एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और अन्य सहयोगी कंपनियां शामिल हैं। इनके अलावा कारोबारी अजय सहगल का नाम भी इस मामले में सामने आया है। ईडी की टीमों ने इनके दफ्तरों और ठिकानों पर दस्तावेज, फाइलें और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) से जुड़े सीएलयू (भूमि उपयोग में परिवर्तन) लाइसेंस में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ बिल्डरों ने नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके से लाइसेंस हासिल किए और इसके बाद आम लोगों से प्लॉट और प्रोजेक्ट के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए जुटाए।

जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी की गई है और सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया। इसी के चलते ईडी अब मनी ट्रेल यानी पैसे के लेन-देन की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है।

इस मामले में एक नाम नितिन गोहल का भी सामने आ रहा है। आरोप है कि वह ऐसे बिल्डरों की मदद करता था जो जीएमएडीए की फीस जमा करने में डिफॉल्ट कर चुके थे। कहा जा रहा है कि वह उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर राहत दिलाने में भी भूमिका निभाता था।

सूत्रों के अनुसार, नितिन गोहल का नाम मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में भी बताया जा रहा है। वह मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर गुहमन के करीबी सहयोगी है। नितिन गोहल पर पंजाब सीएमओ की ओर से एक संपर्क-सूत्र (लायजनर) के तौर पर काम करने का संदेह है।