होशियारपुर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने पंजाब में नशे के नेटवर्क और मानसा से जुड़े सीबीआई मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने नशे के कारोबार से जुड़े मामलों को गंभीरता से नहीं लिया। सांपला ने कहा कि केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समस्या को लेकर चिंतित हैं और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, विजय सांपला ने दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ी घटना और उन पर लगाए गए 50 हजार रुपए के जुर्माने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और मुख्यमंत्री को भी नियमों का पालन करना चाहिए।
मानसा में सीबीआई की कार्रवाई का जिक्र करते हुए विजय सांपला ने कहा कि पंजाब में नशे का बड़ा नेटवर्क है, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जताई है। गृह मंत्री ने सीबीआई की टीम के पहुंचने की घोषणा की थी, लेकिन टीम अगले दिन सुबह ही पहुंच गई। सांपला ने कहा कि यदि भगवंत मान सरकार ने पहले ही नशे के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई की होती, तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने परमिंदर सिंह, गुलजार सिंह और विक्रमजीत सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की ओर से समय पर उचित कदम उठाए जाते तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।
उन्होंने गांवों में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। सांपला ने गुलजार सिंह के मामले में भी सरकार के रवैये पर सवाल उठाए और दावा किया कि संबंधित लोगों की बात सुनी जाती और समय पर कार्रवाई होती तो ऐसी परिस्थितियां पैदा नहीं होतीं। केंद्र सरकार पंजाब में नशे की समस्या को लेकर गंभीर है। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की मदद की जाएगी।
सांपला ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार नशे से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नशे के व्यापार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि पंजाब के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
दिल्ली एयरपोर्ट पर भगवंत मान से जुड़ी घटना और 50 हजार रुपए के जुर्माने पर सांपला ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को विदेश से लौटते समय अपने सामान की नियमानुसार घोषणा करनी होती है। कानून सभी के लिए समान है, चाहे व्यक्ति मंत्री हो, मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री। सांपला ने तर्क दिया कि यदि मुख्यमंत्री पर जुर्माना लगाया गया है तो इसके पीछे कोई कारण रहा होगा। यदि भगवंत मान खुद को निर्दोष मानते हैं, तो वह अदालत का रुख कर सकते हैं।
भाजपा नेता ने जुर्माना चुकाए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जुर्माना भरे जाने से कहीं न कहीं गलत काम किए जाने का संकेत मिलता है। मुख्यमंत्री समेत सभी जनप्रतिनिधियों को नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ कार्रवाई और अन्य विवादों को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
