Friday, May 22, 2026
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नीट पेपर लीक : राहुल गांधी के आरोपों का बिहार के नेताओं ने दिया जवाब, कहा- ‘जांच जारी, छात्रों को मिलेगा न्याय’

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नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर बिहार एनडीए के नेताओं ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बयान देने की आदत है। अब आप लोगों को राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से लेना बंद कर देना चाहिए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले पर सवाल उठाए। इस पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, “केंद्र सरकार नीट परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की पूरी तरह से जांच कर रही है और तुरंत दोबारा परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में है, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। राहुल गांधी को बयान देने की आदत है। अब आप लोगों को राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से लेना बंद कर देना चाहिए और उनके बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, वरना इससे उन्हें बेवजह महत्व मिलता है।”

नीट पेपर लीक मामले पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “सीबीआई की जांच जारी है। सीबीआई इस मामले की छानबीन कर रही है और कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं। इसलिए अब हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि सीबीआई अपनी रिपोर्ट में क्या पेश करती है।”

वहीं, जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि एनटीए या एजेंसियों की ओर से जो कुछ भी कहा जा रहा है, छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। मूल रूप से पेपर लीक और ऐसी घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पूरे मामले की उचित जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है। अब, संसदीय समिति ने भी एनटीए को तलब किया है। इस बार स्थिति निर्णायक है और पेपर लीक में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।”

इससे पहले, राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी। और सरकार ने न जिम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।”

राहुल गांधी ने आगे लिखा, “हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता। यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।”