नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की फंडिंग, विश्वविद्यालयों में लगाए गए नारों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए। गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए सत्ता हासिल करने के बजाय अव्यवस्था के माध्यम से सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से पिछले 12 वर्षों में किए गए विदेश दौरों के खर्च, टिकट की व्यवस्था और विदेश में हुई मुलाकातों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
गिरिराज सिंह ने कहा कि दुनिया के कई देशों में छात्रों के आंदोलन देखने को मिल रहे हैं, लेकिन वहां विपक्ष के नेता इस तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं। राहुल गांधी देश में बढ़ती राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर व्याकुल हैं और बैलेट के बजाय बुलेट से सत्ता हासिल करना चाहते हैं। राहुल गांधी एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उन्हें पिछले 12 वर्षों में किए गए विदेश दौरों की फंडिंग के बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि इन यात्राओं के टिकट का खर्च किसने उठाया और राहुल गांधी विदेश में किन-किन लोगों से मिले।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि यदि राहुल गांधी इन सवालों का जवाब नहीं देते हैं, तो इससे विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करने को लेकर संदेह पैदा होगा।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से राहुल गांधी की सत्ता हासिल करने की बेचैनी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री मोदी चुनावों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं, जबकि राहुल गांधी की पार्टी कई राज्यों में सत्ता हासिल करने में पीछे रह गई है। जिन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में नहीं पहुंच पाई है, वहां भी पार्टी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। गिरिराज सिंह ने इसे राहुल गांधी की राजनीतिक घबराहट का उदाहरण बताया।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की दीवारों पर लिखे गए कथित ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारों का मुद्दा उठाते हुए गिरिराज सिंह ने सवाल किया कि इन्हें किसने लगाया। उन्होंने इन नारों को शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शन से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि देश के भीतर कुछ ताकतें देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी। गिरिराज सिंह ने जामिया से जुड़े कुछ लोगों पर शरजील इमाम को रिहा कराने की कोशिश करने और अदालत से संबंधित प्रदर्शनों में नारे लगाने के आरोप भी लगाए।
