नोएडा, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण ने हरित परिवहन (ग्रीन मोबिलिटी) की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 के तहत नोएडा शहर के विभिन्न स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इसी क्रम में सोमवार, 12 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण और आईटीआई लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत शहर में 48 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे पहले प्राधिकरण 30 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ भी समझौता कर चुका है। दोनों समझौतों के बाद शहर में कुल 78 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना तैयार हो गई है।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने शहर में ग्रीन मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में 24 सितंबर 2026 को यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ शहर के 30 विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए एमओयू किया गया था। अब 12 अक्टूबर को आईटीआई लिमिटेड के साथ 48 स्थानों पर स्टेशन स्थापित करने का समझौता किया गया है।
इस प्रकार दोनों कंपनियों के साथ कुल 78 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, शहर में 100 स्टेशन स्थापित करने के लिए अभी 22 अतिरिक्त स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की जरूरत होगी। नोएडा प्राधिकरण और आईटीआई लिमिटेड के बीच हुआ एमओयू 10 वर्ष की अवधि के लिए किया गया है। आवश्यकता और आपसी सहमति के आधार पर भविष्य में इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। समझौते के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में होने वाला पूरा खर्च आईटीआई लिमिटेड वहन करेगा।
वहीं, नोएडा प्राधिकरण की ओर से चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना के लिए नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। इस व्यवस्था से शहर में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने के साथ प्राधिकरण पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा। समझौते के प्रमुख बिंदुओं के अनुसार, प्रत्येक निर्धारित स्थान पर कम से कम दो चार्जर लगाए जाएंगे।
इन चार्जिंग सुविधाओं के माध्यम से एक साथ दो कारों और एक दोपहिया वाहन को चार्ज किया जा सकेगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को अपने वाहनों को चार्ज करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके अलावा, चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिजली के आधार पर राजस्व साझा करने की व्यवस्था भी की गई है। इसके तहत नोएडा प्राधिकरण को प्रति किलोवाट-घंटा बिजली खपत पर एक रुपये की दर से राजस्व प्राप्त होगा।
शहर के विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नोएडा प्राधिकरण की योजना है कि ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए जरूरत के अनुसार भविष्य में अतिरिक्त ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएं। शहर में 100 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य पूरा होने पर इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग नेटवर्क को और अधिक व्यापक बनाया जा सकेगा।
–आईएएनएस
पीकेटी/एमएस
