नोएडा स्थित बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दूसरी चार्जशीट दाखिल की

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गाजियाबाद, 29 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को गाजियाबाद की एक विशेष अदालत में नोएडा के सेक्टर-119 स्थित एक प्रोजेक्ट के लिए घर खरीदारों से एकत्र किए गए 126 करोड़ रुपए के गबन के आरोपी बिल्डर के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। ​​एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 44 और 45 के साथ धारा 3, 4 और 70 के तहत उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड (यूएफएल) और उसके प्रवर्तकों/निदेशकों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। ​​अधिकारी ने एक बयान में यह जानकारी दी।

यूपी पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि बिल्डर पर नोएडा के सेक्टर-119 में स्थित ‘उन्नति द अरण्य’ प्रोजेक्ट के लिए एकत्रित धनराशि के गबन का आरोप है, जिसके कारण प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका और घर खरीदारों तथा वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।

ईडी की जांच में पता चला है कि यूएफएचएल के मुख्य प्रमोटर और प्रमुख व्यक्ति अनिल मिठास द्वारा 126 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई है।

यह मनी लॉन्ड्रिंग अपराध की अवधि (2011 से 2019) के दौरान यूएफएचएल के विभिन्न बैंक खातों में घर खरीदारों/निवेशकों से एकत्रित धन में से इक्विटी निवेश, प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर/बॉन्ड, ऋण और अग्रिम तथा सुरक्षा जमा के माध्यम से संबंधित पक्ष को धन हस्तांतरित करके की गई थी।

ईडी ने एक बयान में कहा कि यूएफएचएल के धन की इस हेराफेरी/गबन से प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकीं और घर खरीदारों/निवेशकों के धन का दुरुपयोग हुआ, जिससे वित्तीय संस्थानों और घर खरीदारों को भारी नुकसान हुआ तथा यूएफएचएल के निदेशकों और प्रमोटरों को अनुचित लाभ हुआ।

कंपनी के मुख्य प्रमोटर अनिल मिठास को ईडी ने 16 अप्रैल, 2025 को गिरफ्तार किया था और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी ने बताया कि 17 अप्रैल, 2025 को विभिन्न संबंधित परिसरों पर तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।

ईडी ने बयान में कहा कि अब तक, यूएफएचएल और उसके प्रमोटरों/सहयोगी संस्थाओं से संबंधित 126 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां ईडी द्वारा जब्त की जा चुकी हैं।